बीसलपुर (पीलीभीत)। आसरा कॉलोनी के निवासी बालक गोपाल की हत्या करने के मामले में पुलिस ने खुलासा करते हुए उसके ताऊ बुद्धसेन समेत दो आरोपियों को जेल भेज दिया है। हत्या का कारण जमीन का विवाद निकला। हिस्से में कम जमीन मिलने के कारण ताऊ बुद्धसेन नाराज चल रहा था। मौका पाकर पत्नी और रिश्तेदारों की मदद से बालक का मुंह कपड़े से दबाकर शौचालय के टैंक में फेंक दिया। जिससे दम घुटने के कारण बालक की मौत हो गई थी।
पुलिस के अनुसार मृतक गोपाल के बाबा मेवाराम के पास 18 बीघा जमीन थी। उनके दो बेटे राधेश्याम (मृतक का पिता) और बुद्धसेन (हत्यारोपी ताऊ) थे। राधेश्याम के दो बेटे गोपाल और अजय थे, जबकि बुद्धसेन के एक बेटा मुनीष है। हत्यारोपी बुद्धसेन पिता की 18 बीघा जमीन में आधा हिस्सा चाहता था। मगर जुलाई 2018 में मेवाराम ने वसीयत कर दी थी। इसमें तीनों पौत्रों को बराबर छह-छह बीघा जमीन नाम कर दी गई थी। इस लिहाज से राधेश्याम के परिवार में दो बेटे होने की वजह से 12 बीघा जमीन मिल गई और बुद्धसेन के हिस्से में छह बीघा जमीन आई। उसने उस वक्त इसका ऐतराज भी जताया। मगर वसीयत में तीनों पौत्रों को बराबर हिस्सा देने की बात कह दी गई थी। कुछ दिन बाद ही मेवाराम का निधन हो गया। इसके बाद से बुद्धसेन जमीन के विवाद में रंजिश मानने लगा। उसकी तरफ से सिविल और तहसीलदार न्यायालय में वाद भी दायर किए गए, जो कि विचाराधीन हैं। बस इसी जमीन विवाद में हत्या को अंजाम दे दिया गया।
सबसे पहले ताऊ हुआ था हमलावर
कपड़े से पहले बच्चे का मुंह दबाया गया था और फिर शौचालय के टैंक में फेंक दिया गया था। पुलिस के अनुसार इसमें चारों लोग शामिल रहे थे। ताऊ बुद्धसेन मुख्य आरोपी रहा। पुलिस के मुताबिक उसी ने सबसे पहले कपड़े से मुंह दबाया था। अन्य साथी शामिल रहे थे।
जमीन के विवाद में बालक की हत्या की गई थी। नामजद किए गए ताऊ समेत दो लोगों की संलिप्तता मिलने पर उन्हें जेल भेज दिया है। अन्य दो आरोपियों को लेकर अभी विवेचना चल रही है। साक्ष्य के आधार पर उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। - - डॉ. पवित्र मोहन त्रिपाठी, एएसपी