पीलीभीत। एक दिन पहले ही आत्महत्या की चार्जशीट दाखिल होने के बाद छात्रा अंजलि के मामले चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई है। छात्रा की मौत नहर में डूबकर नहीं बल्कि उसकी हत्या की गई थी। एएसपी की अगुवाई में गठित कमेटी की जांच में यह बात सामने आई है। टीम ने एसपी को जांच रिपोर्ट सौंपी दी है। जिसके बाद रिपोर्ट डीआईजी और उनके माध्यम से एडीजी के पास पहुंचेगी। जहां से रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। अब जल्द मामले में हत्या की धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं।
बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के चुटकुना गांव निवासी 16 वर्षीय इंटरमीडिएट की छात्रा अंजलि पुत्री रामसरन 21 सितंबर को लापता हो गई थी। 23 सितंबर को उसका शव पुवायां (शाहजहांपुर) के नवाबपुर गांव के पास नहर में मिला था। पुलिस ने आत्महत्या को विवश करने के आरोप में एक किशोर को गिरफ्तार कर किशोर सदन बरेली भेज दिया था। वह अब भी वहीं है। 14 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दियोरियाकलां कोतवाली क्षेत्र के न्यूरानपुर गांव में हुई सभा के दौरान पहुंचे परिवार वालों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। हत्या की धारा बढ़ाने और एक अन्य आरोपी को जेल भेजने की मांग की थी। इसके बाद एएसपी रोहित मिश्र की अगुवाई में पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित हुई थी। जांच कमेटी ने पीड़ित का बयान, घटनास्थल निरीक्षण, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अध्ययन, छात्रा के कॉलेज, मकान मालिक समेत सभी बिंदुओं पर पड़ताल की। इसमें सामने आया कि घटना के दिन अंजलि ड्रेस पहनकर कॉलेज जाने के लिए निकली थी। उधर आरोपी किशोर भी ट्यूशन जाने के लिए अपने घर से निकला था। न तो अंजलि कॉलेज पहुंची और न ही आरोपी कोचिंग। परिजन के अनुसार दो युवकों ने अंजलि को आरोपी के साथ जाते भी देखा। ऐसे में अंजलि की हत्या करने का अंदेशा टीम को हुआ है। आरोपी के एक रिश्तेदार की भूमिका पर गहनता से जांच कराने की बात कही है। जांच टीम ने अपनी कार्रवाई पूरी करने के बाद रिपोर्ट अधिकारियों को भेज दी है। इधर, किशोर सदन बरेली में बंद आरोपी के खिलाफ बीसलपुर पुलिस ने एक दिन पूर्व ही आत्महत्या को विवश करने की धाराओं में चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की है। अब मामले में हत्या की बात सामने आ रही है।
वर्जन
छात्रा अंजलि की मौत के मामले में जांच पूरी कर ली गई है। सभी बिंदुओं पर पड़ताल करने के बाद अंजलि की हत्या होना प्रतीत हुआ है। मामले की रिपोर्ट तैयार कर अधिकारियों को भेज दी है। - रोहित मिश्र, एएसपी