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पुजारी ने दो बेटों संग मिलकर की थी बुजुर्ग साधु की हत्या, तीनों जेल भेजे गए

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पीलीभीत। बुजुर्ग साधु विष्णु शरण की हत्या मंदिर के पुजारी रमेश चंद्र मिश्र ने अपने दो बेटों देवेश कुमार और भुवनेश कुमार के साथ मिलकर की थी। पुजारी का पद छिनने और साधु के मंदिर पर अधिकार जताने की वजह से उनकी हत्या की। पुलिस ने तीनों आरोपियों को भड़रिया मोड़ से गिरफ्तार किया। एसपी ने प्रेसवार्ता कर मामले का खुलासा किया। तीनों हत्यारोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
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बीसलपुर के बालाजी गर्ल्स इंटर कॉलेज परिसर में बने मंदिर में छह माह से रह रहे अजमेर (राजस्थान) के जेठाना गांव निवासी 65 वर्षीय साधु विष्णु सरन ब्रह्मचारी की 25 फरवरी को कुल्हाड़ी से गर्दन पर वार कर हत्या कर दी गई थी। मंदिर के पुजारी बिलसंडा के चरखौला गांव निवासी रमेश चंद्र मिश्रा और अज्ञात के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल, कोतवाल केशव कुमार तिवारी के नेतृत्व वाली दो टीमों के अलावा दो अन्य टीमें खुलासे के लिए लगाई गईं। एक दिन पूर्व पुजारी के बेटे देवेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इसके बाद पुजारी रमेश चंद्र मिश्र और दूसरे बेटे भुवनेश कुमार मिश्र भी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। भड़रिया मोड़ से इनकी गिरफ्तारी की गई।
बृहस्पतिवार दोपहर को एसपी अभिषेक दीक्षित, एएसपी रोहित मिश्र ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक मंदिर की प्रबंध कमेटी ने 31 मार्च को पुजारी रमेश चंद्र मिश्र को मंदिर छोड़ने के लिए नोटिस दे दिया था। उसको लगता था कि अब विष्णु सरन को पुजारी पद पर जिम्मेदारी मिलेगी। इसी बात पर रमेश और उसका परिवार साधु से रंजिश मानने लगा। साधु विष्णु सरन ने शौचालय में ताला डाल दिया था। 25 फरवरी की सुबह साढ़े चार बजे रमेश ने शौचालय की चाबी मांगी। विष्णु सरन ने जब चाबी देने से मना किया तो झगड़ा होने लगा। आरोपी देवेश और भुवनेश लाठी से साधु को पीटने लगे। इसी बीच कमरे से कुल्हाड़ी लाकर रमेश चंद्र मिश्र ने हत्या कर दी। कुल्हाड़ी को धोने के बाद मंदिर परिसर में बने कमरे में रख दिया गया। इसके बाद परिवार समेत फरार हो गए। पहले अपने गांव चरखौला गए। कुछ देर गांव में रुकने के बाद परिवार वाले बचने को इधर-उधर भटक रहे थे। घटनास्थल पर मिली टूटी लाठी पहले ही पुलिस के कब्जे में थी, कुल्हाड़ी अब बरामद कर ली गई। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
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पुजारी बोला- शास्त्रों का आदेश था, इसलिए मार डाला
गिरफ्तारी के बाद भी मुख्य आरोपी पुजारी रमेश चंद्र मिश्रा के चेहरे पर कोई पछतावा नहीं दिखा। प्रेसवार्ता के दौरान एसपी ने जब उससे हत्या की वजह पूछी तो उसने खुलकर कहा कि साधु विष्णु सरन मंदिर में अधिकार जमाने लगा था। 10 साल काम करने के बाद अब निकालने का नोटिस दे दिया गया। कहा कि शास्त्रों का आदेश था..इसलिए मार डाला।
बेटों के साथ मिलकर पुजारी ने साधु की हत्या की थी। पुजारी पद छिनने की वजह से उसने वारदात को अंजाम दिया। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। - अभिषेक दीक्षित, एसपी
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