पंचायत चुनाव के प्रथम चरण के लिए नामांकन प्रक्रिया सोमवार से प्रारंभ हो रही है। इसके लिए मरौरी और बरखेड़ा ब्लाक में न्याय पंचायत वार काउंटर बनाकर बेरीकेडिंग की गई है। वहीं रविवार को भी दोनों ब्लाकों पर नामांकन पत्रों की बिक्री हुई।
प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य के प्रथम चरण में मैरारी ब्लाक में क्रमश: 95 व 1161 और बरखेड़ा ब्लाक 85 व 1033 पदों पर चुनाव होना है। इसके लिए नौ नवंबर से ही नामांकन पत्रों की बिक्री प्रारंभ हो गई थी। सोमवार को दोनों ब्लाकों में नामांकन शुरू होगा। सुबह आठ बजे प्रारंभ होने वाले नामांकन के लिए दोनों ब्लाक मुख्यालयों पर तैयारियां पूरी कर ली गई है। उपजिला निर्वाचन अधिकारी/ एडीएम अजयकांत सैनी ने बताया कि दोनों ब्लाकों में न्याय पंचायत वार 10-10 काउंटर लगाए गए हैं। प्रत्याशी अपने न्याय पंचायत के काउंटर पर पहुंचकर एआरओ को नामांकन पत्र जमा करेंगे। दो दिन चलने वाली नामांकन प्रक्रिया के लिए मरौरी ब्लाक के मुख्य गेट एवं नामांकन काउंटर की खिड़कियों के बाहर बल्लियां लगाकर बेरीकेडिंग करा दी गई है।
रविवार को भी हुई नामांकन पत्रों की बिक्री
यूं तो सभी ब्लाकों में नामांकन पत्रों की बिक्री के आदेश हैं लेकिन दिवाली के अवकाश के कारण अन्य ब्लाकों में अभी बिक्री शुरू नहीं हुई है। वहीं प्रथम चरण में मरौरी और बरखेड़ा ब्लाक के लिए नामांकन पत्रों की बिक्री चल रही है। रविवार को अवकाश होने के बाद भी नामांकन पत्र खरीदने लोग पहुंचे। मरौरी के प्रभारी बीडीओ आभास कुमार ने बताया ग्राम प्रधान 980 नामांकन पत्र बिके हैं। वहीं बरखेड़ा बीडीओ ऋषिपाल सिंह ने बताया कि अब तक प्रधानी के 876 नामांकन बिक चुके हैं। नामांकन पत्रों की बिक्री सोमवार और मंगलवार को भी होगी।
कहां कितने बिके नामांकन फार्म
ब्लाक प्रधान पद फार्म सदस्य पद फार्म
मरौरी 95 00 1161 00
बरखेड़ा 85 876 1033 947
नोड्यूज पर कर्मचारी लगा
रहे बीडीओ की मोहर
चुनाव के लिए नामांकन पत्रों में सलंग्न होने वाले अदेयता प्रमाणपत्र के नाम पर ब्लाकों में लूट मची है। जिला पंचायत द्वारा जारी किए जा रहे अदेयता प्रमाणपत्र पर उसका 200 रुपये शुल्क अंकित वहीं क्षेत्र पंचायत पर कोई धनराशि अंकित नहीं है। क्षेत्र पंचायत के लिए 100 से 300 रुपये और जिला पंचायत के लिए 200 रुपये अंकित होने के बाद भी 500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि दोनों प्रमाणपत्रों पर अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर किए जा रहे हैं। संबंधित अधिकारियों के कर्मचारी नाम पता भरे हुए प्रमाणपत्र पर मोहर लगाकर स्वयं अपठनीय हस्ताक्षर बनाकर रकम वसूल रहे हैं। वहीं दूसरी होकर प्रधान बनने की ललक में प्रत्याशी भी इसकी शिकायत करने से भी बच रहे हैं।