पूरनपुर तहसील को विभाजित कर कलीनगर को तहसील बनाने की कवायद भले ही सत्ताधारी नेताओं की निष्क्रियता के चलते ठंडे बस्ते में चली गई हो, लेकिन क्षेत्र में तहसील बनाने का ज्वलंत मुद्दा आज भी ताजा है। अमरिया को तहसील बनाने की चर्चा के बाद क्षेत्र के लोगों ने राज्यमंत्री हाजी रियाज अहमद से अमरिया व कलीनगर को पूर्व वादे के मुताबिक तहसील बनाने की मांग की है।
पिछले कई वर्ष पूर्व कलीनगर को नई तहसील बनाने की मांग उठी थी। जिसके बाद शासन स्तर से प्रस्ताव भी मांगे गए थे। पहले माधोटांडा की बात की गई, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने माधोटांडा में ब्लाक बनाने की घोषणा कर दी थी, इसलिए कलीनगर को तहसील बनाने का मामला तेजी पकड़ गया था।
डीएम को दो बार भेजने पड़े प्रस्ताव
जिला प्रशासन ने कलीनगर को तहसील बनाने का प्रस्ताव कई वर्ष पूर्व भेजा था। जिसमें पूरनपुर तहसील के 170 गांव, पीलीभीत सदर के 86 गांव शामिल कर 256 राजस्व गांव वाली नई तहसील बनाई जानी थी। इस नई बनने वाली तहसील की घोषणा में दो बार काफी तेजी आई, लेकिन विधानसभा चुनाव से पूर्व शासन ने लंबित पड़े इस प्रस्ताव पर प्रमुख सचिव राजस्व ने डीएम को अनुस्मारक पत्र भेजा था। इसके बाद तत्कालीन डीएम कौशलराज शर्मा ने पुन: नई तहसील का मानचित्र तैयार कराकर प्रस्ताव अपनी संस्तुति सहित भेज दिया। जो आज भी लंबित है।
राज्यमंत्री वादा करें पूरा
राज्यमंत्री हाजी रियाज अहमद की अमरिया में नई तहसील बनाने की कवायद के बाद पहले तो विधायक हेमराज वर्मा ने कुछ गांवों को लेकर विरोध जताया, लेकिन विधायक पीतमराम ने कलीनगर में ही तहसील बनने का भरोसा दिलाया। क्षेत्रवासियों के मुताबिक राज्यमंत्री कलीनगर के ठाकुरद्वारा मंदिर चुनाव के दौरान कलीनगर को तहसील बनाने की घोषणा की थी। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस लिहाज से पहले कलीनगर को फिर अमरिया को तहसील बनवाना चाहिए। सपा नेता ताहिर खां ने कहा कि यदि वह ऐसा नहीं करते हैं, तो आने वाले समय में सपा को इस विधानसभा क्षेत्र से राजनीतिक नुकसान हो सकता।