फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pilibhit News: शारदा नदी के पैंटून पुल से बड़े वाहनों आवागमन शुरू, ग्रामीणों को मिली राहत

Sun, 12 Jan 2025 07:15 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
विज्ञापन
शारदा नदी तट पर पैंटून पुल के शुभारंभ पर पूजा में भाग लेते विधायक, एसडीएम व अन्य।स्रोत: पीडब्ल्
विज्ञापन
पूरनपुर। शारदा नदी के पैंटून पुल से शनिवार को बड़े वाहनों का आवागमन शुरू हो गया। अब शारदा पार के लोगों को तहसील मुख्यालय आवागमन में 30 किलोमीटर की जगह 130 किमी का चक्कर नहीं काटना होगा। विधायक बाबूराम पासवान ने पूजा अर्चना के बाद फीता काटकर बड़े वाहनों का आवागमन शुरू कराया। इस बार पैंटून पुल से आवागमन अपने निर्धारित समय से करीब 70 दिन बाद शुरू हो सका है।
विज्ञापन

तहसील क्षेत्र के शारदा पार के गांवों में आवागमन को शारदा नदी पर हर साल पैंटून बनाया जाता है। बाढ़ की आशंका पर पुल हटाने की तिथि 15 जून और पुल तैयार कर आवागमन शुरू करने की तिथि 15 अक्तूबर निर्धारित है। पिछले कई सालों से पुल निर्धारित समय पर हटा तो लिया जाता, लेकिन निर्धारित समय पर पुल से वाहनों का आवागमन शुरू नहीं हो पा रहा है। पुल न होने से शारदापार आवागमन को 30 की जगह 130 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।


ग्रामीणों ने पिछले दिनों ट्रांस शारदा क्षेत्र में दौरे पर पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद को समस्या से अवगत कराया था। केंद्रीय राज्यमंत्री ने पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को तलब कर नाराजगी व्यक्त की थी। इसके बाद 31 दिसंबर को नदी की दोनों धारों पर पैंटून पुल बना दिया गया था। मगर नदी के रास्ते में चकर प्लेंटे न पड़ी होने, पुल की रेलिंग न बनने आदि की वजह से पुल से बाइक और अन्य छोटे वाहनों का आवागमन शुरू कराया गया था। शनिवार को पूजा-अर्चना के बाद विधायक बाबूराम पासवान ने फीता काटकर पुल से बड़े वाहनों का आवागमन शुरू करा दिया। इस मौके पर एसडीएम अजीत प्रताप सिंह, जेई अनूप कुमार और क्षेत्र के कई प्रमुख लोग मौजूद थे।
विज्ञापन



दो किलोमीटर रेतीले रास्ते से पड़ता है गुजरना

पूरनपुर। शारदा नदी की चौड़ाई करीब तीन किलोमीटर से अधिक है। पिछले कई सालों से नदी तीन धारों में बहती थी। इससे नदी की तीनों धारों पर पैंटून पुल बनाना पड़ता था। इस बार नदी दो धार में बह रही है। नदी की दो धारों पर ही पुल बनाया गया है। पिछले साल इधर से करीब एक किलोमीटर दूर नदी की मुख्य धार थी। इस बार नदी की धार करीब एक किलोमीटर इधर को आ गई है। पुल पार करने के बाद लोगों को करीब दो किलोमीटर नदी के रेतीले रास्ते पर चलना होगा। जेई अनूप कुमार ने बताया कि रास्ते में चकर प्लेटें डलवा दी गई है। प्लेटें हटने आदि को लेकर प्रतिदिन मजदूर निगरानी करेंगे।

कृष्ण कथा सुनाते यमुनापुरी महाराज। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें