कलीनगर। सीसीए लागू होने के बाद तराई में शारदा डैम की तलहटी में बसे बंगाली समाज के लोगों को नागरिकता मिलने की उम्मीद जागी है। इस इलाके के करीब चार हजार से अधिक लोगों ने आवेदन किया, लेकिन प्रक्रिया आगे न बढ़ने से वह अब मायूस हैं।
कलीनगर तहसील क्षेत्र के तराई क्षेत्र में बंगाली बहुल करीब 10 से अधिक गांव हैं। इनमें पुरैना, रमनगरा, मटैया लालपुर, नगरिया खुर्द कला, कंजिया सिंहपुर, गभिया सहराई, महाराजपुर, नौजल्हा आदि गांव शामिल हैं। यहां हजारों परिवार ऐसे हैं जिन्हें लंबे समय से नागरिकता का इंतजार है। इसको लेकर हर बार प्रयास हुए, लेकिन उन्हें नागरिकता नहीं मिल सकी है।
लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र सरकार ने सीसीए लागू किया। इसके बाद बंगाली समाज के लोगों से नागरिकता हासिल करने के लिए ग्राम प्रधानों के माध्यम से ऑनलाइन फॉर्म भरकर भिजवाने की बात कही गई। जिसके बाद इस इलाके के करीब चार हजार लोगों ने फार्म भरकर भिजवाए। जिसमें मटैया से 15 सौ, रमनगरा से एक हजार लोगों के फार्म शामिल हैं।
लोगों को उम्मीद थी कि इसके बाद नागरिकता प्रमाण पत्र जारी हो जाएंगे, लेकिन कई माह बीतने के बाद भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है। जिससे लोग मायूस हैं। रमनगरा निवासी क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि सुरेश राहा, नौजल्हा निवासी अरुण भंडार आदि ने बताया कि प्रत्येक पंचायत से फार्म भरकर भेजे गए हैं, लेकिन अभी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी हैं। जिससे आज भी समस्याएं बरकरार हैं।