पीलीभीत। 12 लाख रुपये सालाना आय और 12.75 लाख रुपये तक के नौकरीपेशा वर्ग को टैक्स श्रेणी से बाहर रखने से जिले के मध्यम वर्गीय परिवार, शिक्षक और अन्य कर्मचारियों के चेहरे खिल गए हैं। सभी ने इस फैसले का स्वागत किया है।
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सीए संजय अग्रवाल ने बताया कि टैक्स स्लैब बढ़ने से शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। बताया कि जिले के लगभग 15 हजार आयकर दाताओं को इसका सीधा लाभ पहुंचा है। यहां के अधिकतर करदाता 10 लाख रुपये की कर सीमा के अंतर्गत ही आते हैं।
इससे अधिक श्रेणी में पहुंचने वाले कर्मचारियों की संख्या का प्रतिशत बहुत ही कम है। शून्य कर का स्लैब बढ़ाकर 12 लाख हो जाने से पीलीभीत जिले के करदाता बहुत खुश हैं।