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अब जिला कारागार का बंदी रक्षक बताकर शुरू की ठगी

सार

जेल में बंद बंदी की तबीयत खराब बताकर खाते में रुपये मंगवा लेता है। मामला संज्ञान में आने के बाद एसपी ने जांच शुरू करा दी है। प्रभारी जेल अधीक्षक संजय राय ने बताया कि कारागार की ओर से किसी भी अधिवक्ता को इस तरह से फोन नहीं कराया जाता।
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विस्तार
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बंदी रक्षक बन अधिवक्ताओं को फोन कर रहा ठग
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शिकायत पर एसपी ने दिए जांच के आदेश
पीलीभीत। ठगों ने ठगी का अब एक और नायाब तरीका अपनाना शुरू कर दिया है। ठग खुद को जिला कारागार में बंदी रक्षक बताकर अधिवक्ताओं के पास फोन करता है। जेल में बंद बंदी की तबीयत खराब बताकर खाते में रुपये मंगवा लेता है। मामला संज्ञान में आने के बाद एसपी ने जांच शुरू करा दी है।
कई अधिवक्ताओं के पास एक ही मोबाइल नंबर से फोन आया। फोनकर्ता ने खुद को जिला कारागार का बंदी रक्षक बताया। कहा कि उनकी जेल में बंद बंदी की तबीयत ज्यादा खराब है। बंदी के परिजनों से अपने फोन पर बात कराने को कहता है। जिस पर अधिवक्ताओं ने संबंधित बंदियों के परिवार वालों को सूचना देकर मोबाइल नंबर दिया। जब परिवार वालों ने उस नंबर से बात की तो फोनकर्ता ने रुपये की डिमांड की। बताया जा रहा है कि कई लोगों ने झांसे में आकर मोबाइल नंबर पर ऑनलाइन गूगल पे समेत कई एप से भुगतान भी कर दिया। जब परिवार वाले जिला कारागार में बंदी का हालचाल लेने पहुंचे तो पता चला कि इस तरह का किसी ने फोन नहीं किया। इसकी सूचना उन्होंने अधिवक्ताओं को दी। अधिवक्ताओं ने एसपी से मिलकर पूरे प्रकरण से अवगत कराया और जांच कराकर कार्रवाई की मांग की। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने एसओजी और साइबर सेल को जांच दी है।
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फोन आए तो इस नंबर पर बताएं
ठगी का मामला जब जेल प्रशासन के संज्ञान में आया तो वहां खलबली मच गई। प्रभारी जेल अधीक्षक संजय राय ने बताया कि कारागार की ओर से किसी भी अधिवक्ता को इस तरह से फोन नहीं कराया जाता। अगर अब किसी के पास इस तरह का फोन आता है तो तत्काल जिला कारागार के फोन नंबर (05882-255360) पर सूचना दें।
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