पीलीभीत। स्वयं सहायता समूहों की निगरानी के लिए जिले में छह माॅडल सीएलएफ (संकुल स्तरीय संघ) बनेंगे। इनमें महिला लेखाकार और एमआईएस सहायक की तैनाती की जाएगी। इन पदोें के लिए महिलाओं के साक्षात्कार शुरू हो गए हैं। लेखाकार व सहायक से समूह को विभागीय जानकारी, रुपये के लेनदेन सहित अन्य कार्याें में राहत मिलेगी।
महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिले में महिला स्वयं सहायता समूहों के गठन के बाद ग्राम संगठन की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई। इनकी निगरानी को प्रत्येक ब्लॉक को चार भागों में बांटकर चार-चार सीएलएफ बनाए जाने हैं। इनमें से छह सीएलएफ को मॉडल बनाया जाना है। इन मॉडल सीएलएफ पर लेखाकार और एमआईएस सहायक की तैनाती की जानी है।
अब इन पदों के लिए साक्षात्कार शुरू किया गया है। साक्षात्कार के लिए महिलाएं विकास भवन पहुंच रही हैं। इन मॉडल सीएलएफ से समूहों को नई योजनाओं, उन्हें अनुदान व रोजगार के बारे में बताया जाएगा। समूह की स्थिति और फंड की स्थिति पर भी नजर रहेगी। सहायक कंप्यूटर आदि से संबंधित कार्यों में मदद करेगा।
पंचायत सचिवालय में दिया जाएगा कक्ष बेहतर हो सकेगा कार्य
सीएलएफ के न होने से इसमें कार्यरत महिलाओं को कार्य करने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इनके बैठने के लिए पंचायत सचिवालय में कक्ष को बनाया जाएगा। इससे महिला समूह सहित इन सीएलएफ को लाभ मिल सकेगा।