पीलीभीत। क्रय केंद्रों पर आवक घटने के बाद गेहूं खरीद लक्ष्य पूरा करने के लिए सरकार की ओर से आपके द्वार योजना के तहत मोबाइल क्रय केंद्रों के माध्यम से घर-घर जाकर गेहूं खरीद शुरू कर दी गई है। डीएम ने सभी क्रय एजेंसियों से कहा है कि लक्ष्य के अनुरूप शत प्रतिशत गेहूं की खरीद करें।
कोविड-19 संक्रमण के चलते इस बार गेहूं खरीद एक अप्रैल के बजाए 15 अप्रैल से शुरू की गई थी। इस देरी का फायदा उठाते हुए राइस मिलर्स और बिचौलियों ने किसानों के घर जाकर 15 अप्रैल तक अच्छी खरीद कर ली। जब 15 अप्रैल से सरकारी गेहूं की खरीद शुरू हुई तो कोविड-19 को देखते हुए सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए पंजीकरण के साथ टोकन व्यवस्था भी शुरू कर दी गई। इस व्यवस्था के चलते किसानों का क्रय केंद्रों से मोहभंग हो गया। नतीजा यह रहा कि 15 अप्रैल से अब तक 1.79 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 72 फीसदी गेहूं ही खरीदा जा सका। क्रय केंद्रों पर गेहूं की आवक घटती देख आयुक्त खाद एवं रसद ने मोबाइल क्रय केंद्रों के माध्यम से गेहूं की खरीद करने के निर्देश दिए। शासन का निर्देश पर डीएम वैभव श्रीवास्तव ने ग्रामीण अंचलों में मोबाइल क्रय केंद्र के माध्यम से गेहूं खरीद करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि गेहूं की आवक न होने वाले क्रय केंद्रों को उन ग्रामीण अंचलों में शिफ्ट करें, जहां पर गेहूं की आवक अच्छी हो। गेहूं की खरीद बढ़ाने के लिए राजस्व विभाग से भी सहयोग लें। डीएम के निर्देश मिलने के बाद सरकार आपके द्वार योजना के तहत मोबाइल क्रय केंद्रों के माध्यम से घर-घर जाकर गेहूं की खरीद शुरू की जा चुकी है। सरकार आपके द्वार बैनर लगे ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली गांव-गांव जाकर गेहूं की खरीद कर रहे हैं। डीएम ने क्रय एजेंसियों के प्रबंधकों को लक्ष्य में बढ़ोत्तरी करते हुए संशोधित लक्ष्य को शत प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
क्रय केंद्रों पर गेहूं की आवक घटी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर अब मोबाइल क्रय केंद्रों के माध्यम से गेहूं खरीद की जा रही है। लापरवाही बरतने वाले केंद्र प्रभारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - अविनाश झा, डिप्टी आरएमओ