पौने
पांच साल पहले शहर के प्रमुख चिकित्सक डॉ. एसके अग्रवाल की पुत्रवधू डॉ.
अंजलि अग्रवाल की सड़क दुर्घटना में हुई मौत के मामले में मोटर दुर्घटना
दावा अधिकरण के आदेश से मृतका के दो नाबालिग बच्चों को 34 लाख रुपये का
क्लेम बीमा कंपनी से मिलेगा।
23 अगस्त 2010 को पीलीभीत आ रही डॉ. अंजलि
अग्रवाल की कार रात के ढाई बजे दिल्ली-बरेली हाइवे पर जोया पुल के पास सड़क
किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई थी। इससे डॉ. अंजलि की मौत हो गई थी, उनके
पति डॉ. सौरभ अग्रवाल और ससुर डॉ. एसके अग्रवाल का शहर में एसएस नर्सिंग
होम है। डॉ. अंजलि भी इसी नर्सिंग होम में चिकित्सक थीं। घटना के समय उनकी
बेटी ओमांशी की उम्र आठ वर्ष और पुत्र ओजस अग्रवाल की आयु करीब चार वर्ष
थी।
घटना के समय ओजस भी साथ में था, उसे भी चोटें आई थीं। दुर्घटना में
मृत्यु के कारण क्लेम पिटीशन दाखिल किया गया था। डॉ. अंजलि अग्रवाल की आय
लगभग 15 लाख रुपये वार्षिक बताई गई थी। दुर्घटना करने वाले ट्रक के स्वामी
कुशीनगर निवासी गोरख प्रसाद और चालक महाराजगंज निवासी सुभाष था। मोटर
दुर्घटना दावा अधिकरण में डॉ. अंजलि के बच्चों की तरफ से वर्ष 2011 में
याचिका मंजूर कर ली गई।
अधिकरण ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला
सुनाया। बीमा कंपनी को आदेश दिए गए हैं कि 33,83,600 रुपये ब्याज सहित एक
माह के अंदर न्यायालय में जमा करें। दोनों बच्चे नाबालिग हैं। इसलिए यह रकम
उनके बालिग होने तक राष्ट्रीयकृत बैंक में सअवधि जमा योजना में निवेशित की
जाएगी।
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मुझे उम्मीद थी कि करीब 50 लाख रुपये क्लेम मिलेगा। फैसले की जानकारी तो मुझे मेरे परिवार के वकील ने दी है, लेकिन अभी आदेश की प्रति नहीं मिली है। न्यायालय ने किन तथ्यों को आधार बना कर क्लेम की यह धनराशि दी है उस पर आदेश का अध्यन करने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- डा. एसके अग्रवाल