बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह तीन दिवसीय दौरे पर शुक्रवार
देर रात टाइगर रिजर्व पहुंचे। राज्यमंत्री व उनके परिवार के 42 सदस्य एवं
अन्य स्टाफ के कारण चूका स्पाट की सभी हट के साथ मुस्तफाबाद और बराही गेस्ट
हाउस भी फुल हैं। मंत्री और उनके परिवार के घूमने के लिए जंगल के सभी
रास्ते खोल दिए गए जिन पर एक दो नहीं पूरी एक दर्जन गाड़ियों का काफिला
जंगल में बेखौफ घूमता रहा। हालांकि भ्रमण को सरकारी बनाने के लिए उन्होंने
अधिकारियों की बैठक भी की।
देररात मुस्तफाबाद पहुंचे बेसिक शिक्षा
राज्यमंत्री ने सुबह अंधेरे उठकर महोफ के जंगल की सैर की। एक दर्जन
गाड़ियों के साथ किए गए इस भ्रमण में उन्हें वन्यजीव तो दिखे लेकिन बाघ के
दर्शन नहीं हुए। इसके बाद उनका काफिला मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस से जंगल मार्ग
होता हुआ बाइफरकेशन पहुंचा और शारदा सागर डैम व बंगाली बाहुल्य क्षेत्र का
भ्रमण किया। दोपहर को वह नानकमत्ता पहुंचे और गुरूद्वारा में मत्था टेका।
शाम को राज्यमंत्री के काफिले ने बराही रेंज का दौरा किया।
शिक्षा अधिकारियों की ली बैठक
भ्रमण
से वापस आकर दोपहर बाद राज्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ
बैठक ली। इसमें उन्होंने छह से 16 साल तक के बच्चों का शतप्रतिशत नामांकन
कराने के निर्देश दिए। साथ ही कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में भी अनाथ
बालिकाओं के प्रवेश प्राथमिकता के आधार पर लेने के निर्देश दिए। उन्होंने
स्कूलों की साफ सफाई और रंगाई पुताई कराने के भी निर्देश दिए। इससे पूर्व
सहायक निदेशक शशी देवी शर्मा ने उनसे मुलाकात की जबकि बैठक में बीएसए
अंबरीष यादव, बीईओ उमेश गौतम, पीएस राना, सत्यदेव, रविकांत मौजूद रहे। इस
बीच शिक्षक संगठन के नेताओं ने भी उनसे मुलाकात की।
टाइगर रिजर्व में उड़ी नियमों की धज्जियां
टाइगर
रिजर्व में भ्रमण के लिए आम पर्यटकों पर तमाम बंदिशे हैं और वह सीमित
वाहनों के साथ ही चूका स्पॉट पहुंच सकता है। जंगल के अन्य मार्गों पर जाने
की अनुमति आसानी से नहीं मिलती। वहीं राज्यमंत्री के पहुंचने पर यहां के
नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। मंत्री और उनके परिवार के घूमने के लिए
जंगल के सभी रास्ते खोल दिए गए जिन पर एक दो नहीं पूरी एक दर्जन गाड़ियों
का काफिला जंगल में बेखौफ घूमता रहा।