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Pilibhit News: मेडिसिन वार्ड फुल, आधी-अधूरी व्यवस्थाओं के साथ डेंगू मरीजों का इलाज

Sat, 04 Oct 2025 02:06 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
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पीलीभीत। बुखार और वायरल का प्रकोप बढ़ा तो जिला अस्पताल का मेडिसिन वार्ड फुल हो गया है। डेंगू के दो मरीज भी सामने आए हैं। आधी-अधूरी व्यवस्थाओं के साथ आरक्षित वार्ड में इनका इलाज किया जा रहा है। बेड पर मच्छरदानी नजर नहीं आती। दूसरे वार्ड के स्टाफ से काम चलाया जा रहा है। उधर, शहर से सटे अलीगंज में घरों के सामने बाढ़ और बारिश का पानी अब तक भरा है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया, लेकिन दवा का छिड़काव अब तक नहीं कराया गया।
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शुक्रवार की दोपहर 12 बजे जिला अस्पताल के मेडिसिन वार्ड के सभी बेड फुल नजर आए। स्टाफ ने बताया कि 70 से 75 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। रोजाना पांच से सात मरीज वायरल के आ रहे हैं। एक की छुट्टी के बाद दूसरे को भर्ती किया जाता है।
30 से 40 हजार प्लेटलेट्स वाले मरीज भी इलाज को आ रहे हैं। 55 हजार प्लेटलेट्स होने पर मरीजों की छुट्टी कर दी जा रही है। बेड संख्या 13 पर भर्ती मरीज न्यूरिया के ताहिर ने बताया कि करीब तीन दिन पहले बुखार और शरीर में जकड़न की समस्या होने पर अस्पताल आए हैं। अब थोड़ी राहत है।
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आईसीयू का स्टाफ कर रहा इलाज, मच्च्छरदानी दीवार में टंगी
जिला अस्पताल में डेंगू और अन्य मरीजों के लिए 20 बेड का वार्ड आरक्षित किया गया है। शुक्रवार को वार्ड में दो महिला मरीजों का इलाज चल रहा था। इसमें एक बरखेड़ा और शहर के मोहल्ले की है। पूछने पर बताया कि डेंगू की पुष्टि हुई है। वार्ड में आधी-अधूरी व्यवस्थाओं के साथ मरीजाेें का इलाज हो रहा है। मरीजों की देखभाल की जिम्मेदारी आईसीयू वार्ड का स्टाफ संभाल रहा है। मरीजों के बेड पर लगी होने वाली मच्छरदानी दीवार में टंगी नजर आई।

वर्जन
आरक्षित वार्ड में दो मरीजों का इलाज हो रहा है। दोनों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इलाज चल रहा है। मच्छरदानी लगी है। स्टाफ की ड्यूटी भी लगी है। वार्ड में अधिकांंश बेड फुल हैं। मरीजों का इलाज किया जा रहा है।- डॉ. रमाकांत सागर, सीएमएस जिला अस्पताल
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अलीगंज में बढ़ा मच्छरों का प्रकोप, एक महीने से दिक्कतें झेल रहे लोग
फोटो:
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। शहर से सटे अलीगंज में घरों और दुकानों के सामने अब तक बाढ़ और बारिश का पानी भरा है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। एंटी लार्वा तो दूर दवा का छिड़काव तक नहीं कराया गया। घरों के सामने से पानी निकालने के नाम पर तहसील के जिम्मेदार सिर्फ समिति बनाने तक ही सीमित हैं।
करीब एक माह पूर्व हुई तेज बारिश और बाढ़ का पानी शहर में माधोटांडा मार्ग की रेलवे क्राॅसिंग से सटे अलीगंज में घरों के सामने भर गया था। उस समय तो ब्लाॅक और तहसील प्रशासन ने जल्द पानी निकलवाने का दावा किया। बाद में भूल गए। घरों के सामने अब तक गंदा पानी भरा है। संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। मच्छरों का प्रकोप लोगों को परेशान कर रहा है।
फोटो:
करीब एक महीने से दुकान के सामने पानी भरा है। काम-धंधा ठप है। मच्छरों का प्रकोप इतना बढ़ा है कि रात में नींद नहीं आती। बीमारी फैलने का खतरा है। -विशन स्वरूप

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काॅलोनाइजर ने काॅलोनी को गलत तरीके से काटी है। जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की। वर्तमान में जो नाला खोदा गया है, वह भी गलत है। इससे सड़क भी खराब हो रही है। -सुुखलाल
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वर्जन
पानी निकासी के कई बार प्रयास किए गए हैं। जल निकासी की व्यवस्था पर काम हो रहा है। दवा छिड़काव जल्द ही करा दिया जाएगा।- लियाकत अली, बीडीओ मरौरी
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