मेडिकल कॉलेज की छात्रा अंशिका। स्रत्रोत मेडिकल कॉलेज
पीलीभीत। पीलीभीत मेडिकल कॉलेज की मेधावी छात्रा अंशिका का शोध भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने चयनित किया है। कॉलेज के तीन शोध में अंशिका के शोध का सराहा गया। इसके बाद अब इस विषय पर गहन अध्ययन के लिए छात्र को आईसीएमआर से बजट स्वरूप धनराशि दी जाएगी।
स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय पीलीभीत ने एक और उपलब्धि अपने नाम की है। महाविद्यालय की एमबीबीएस सत्र 2024 की छात्रा अंशिका का लघु अवधि छात्रवृत्ति अनुसंधान परियोजना (एसटीएस प्रोजेक्ट) भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा चयनित किया गया है।
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण अभियान के क्रियान्वयन का अध्ययन बाधाएं एवं सुधार हेतु सुझाव के विषय पर छात्र ने शोध किया था। इसका मार्गदर्शन सामुदायिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण सिंह ने किया। इस उपलब्धि में संस्थानिक आचार समिति के सदस्य सचिव डॉ.पीसी श्रीवास्तव व उनकी टीम की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही।
छात्र का विषय चयन होने के बाद महाविद्यालय में खुशी का माहौल है। अब आईसीएमआर द्वारा शोध के भौतिक व धरातल अध्ययन के लिए एक लाख रुपये की राशि दी जाएगी। इसके बाद अध्ययन का भौतिक परीक्षण किया जाएगा, जिले व अन्य गैर जनपद में घूमकर पोषण अभियान के क्रियान्वयन की स्थिति परखी जाएगी। शोध में महाविद्यालय की अन्य दो छात्राएं शारदा राठौर ने अत्यधिक स्क्रीन समय के कारण उच्च तनाव स्तर एवं अपर्याप्त निद्रा से प्रभावित चिकित्सा छात्रों पर योग अभ्यास का प्रभाव व एक हस्तक्षेपी अध्ययन विषय पर शोध प्रस्तुत किया।
इसका मार्गदर्शन बायोकैमिस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. शिखा सक्सेना ने किया। वहीं, प्रत्यक्षा वार्ष्णेय ने युवाओं पर कोविड-19 के प्रभाव का आकलन स्वास्थ्य एवं शैक्षिक परिणामों का अध्ययन विषय पर शोध प्रस्तुत किया। इसका मार्गदर्शन फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. श्रेयशी ने किया। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने छात्र अंशिका को बधाई देते हुए कहा कि आईसीएमआर द्वारा जिस विषय का चयन किया गया है वह सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं पर कार्य की स्थिति परखने का बेहतर विषय है, जिस पर अब कार्य किया जाएगा।