पीलीभीत। जिले की खेल प्रतिभाएं संसाधनों के अभाव में भी पदकों का फर्राटा भर रही हैं। अगर बेहतर व्यवस्थाएं, खेल मैदान और कोच मिले तो इन खिलाड़ियों की उड़ान को कोई रोक नहीं सकता है। जिले के खिलाड़ियों ने हॉकी, फुटबाॅल, वॉलीबॉल, बॉस्केटबॉल, निशानेबाजी और शतरंज में अपनी प्रतिभा दिखाई है।
शहर के गांधी स्टेडियम को छोड़ दिया जाए ताे जिले में अन्य कोई बेहतर खेल मैदान नहीं है। गांधी स्टेडियम में भी बैडमिंटन और बास्केटबॉल कोर्ट का उद्घाटन बाकी है। बरसात में पानी भर जाने से मैदान जलमग्न हो जाता है। खेल आयोजनों पर ब्रेक लग जाता है। कई खेलों के कोच भी स्टेडियम में नहीं हैं। वहीं जिले में निशानेबाजी के लिए इंडोर या आउटडोर कोर्ट नहीं है। शतरंज सिर्फ कुछ स्कूलों तक ही सीमित है। इसके बावजूद खेल प्रतिभाएं जिले का नाम रोशन कर रही हैं।
गांवों के खेल मैदानों में खेला गया कमाई का खेल
गांवों में मनरेगा से खेल मैदान बनाए गए। इनके निर्माण में कमाई का खेल खेला गया। बीसलपुर मार्ग के गांव पौटा का खेल मैदान बाजार में बना दिया गया। माधोटांडा मार्ग पर जमुनिया गांव का खेल मैदान सिर्फ एक से दो बीघे जमीन पर ही बना दिया। खेल प्रतियोगिता तो दूर, सही से एक चक्कर भी नहीं लग सकता है। यही हाल कई अन्य खेल मैदानों का है।
बरेली में अभ्यास कर प्रजित ने जीता स्वर्ण
जिले में निशानेबाजी का कोई कोर्ट और राइफल क्लब सक्रिय न होने के बाद भी शहर निवासी प्रजित शुक्ला ने उत्तर प्रदेश प्री-स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर जिले का नाम रोशन किया। यह प्रतियोगिता 23 से 28 जुलाई तक डॉ. करनी सिंह शूटिंग रेंज, दिल्ली में उत्तर प्रदेश राइफल एसोसिएशन द्वारा आयोजित की गई थी। उनकी टीम में उत्कर्ष व दिग्विजय भी शामिल थे। प्रतियोगिता के लिए प्रजित ने रोजाना बरेली जाकर अभ्यास किया और जिले का मान बढ़ाया। इससे पहले भी प्रजित जिला स्तरीय शूटिंग प्रतियोगिताओं में भी पहला और तीसरा स्थान प्राप्त कर चुके हैं।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में विजय नेे जीता गोल्ड
सरदार वल्लभभाई पटेल इंटर कॉलेज अमरा करोड़ के छात्र विजय मंडल ने वॉलीबॉल में बेहतरीन प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया। विजय ने गांधी स्टेडियम में शिक्षक के निर्देशन में अपने खेल को निखारा। 14 वर्ष आयु वर्ग में विजय मंडल ने बनारस में संपन्न हुई राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश की टीम से खेलते हुए स्वर्ण पदक जीता। विजय को कुछ दिन पूर्व मुख्यमंत्री ने 35 हजार रुपये की धनराशि देकर सम्मानित किया।
शतरंज में समीक्षा ने बनाई अपनी पहचान
स्कूल में ही खेलकर अंगूरी देवी सरस्वती बालिका इंटर कॉलेज की कक्षा 11 की छात्रा समीक्षा गुप्ता ने शतरंज में अपनी पहचान बनाई। समीक्षा का चयन 17 वर्ष आयु वर्ग में शतरंज टीम में हुआ है। नवंबर 2024 में लखनऊ में हुई प्रादेशिक शतरंज प्रतियोगिता में बरेली मंडल की टीम ओवरऑल चैंपियन बनी थी। इसमें समीक्षा के उत्कृष्ट प्रदर्शन को सराहा गया था। इसके बाद समीक्षा का प्रदेश की शतरंज टीम में चयन हुआ। 17 से 21 नवंबर 2024 तक समीक्षा ने नर्मदापुरम मध्य प्रदेश में हुई 68 वीं राष्ट्रीय विद्यालय शतरंज चैंपियनशिप में प्रतिभाग किया था।