संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। आगामी नवरात्र व दीपावली का त्योहार करीब आते ही बाजार में कारोबारियों ने तो तैयारियां तेज कर दी हैं, लेकिन दूसरी ओर 15 अक्टूबर से लग रहे यूपीआई भुगतान पर एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) शुल्क लगाए जाने की चिंता भी उनको सताने लगी है। शहर के किराना, कपड़ा शोरूम व अन्य दुकानदारों का कहना है कि त्यौहार करीब है लेकिन छोटे मुनाफे पर कारोबार करने वालों के लिए डिजिटल भुगतान पर एमडीआर शुल्क कमाई पर असर डाल सकता है। कारोबारियों का कहना है जहां आगामी त्योहारों पर कारोबार बढ़ेगा, वहीं एमडीआर शुल्क को कमाई का सेंध ही समझा जाए।
रोजमर्रा के सामान की बिक्री में पहले ही मार्जिन कम रहता है। यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगा तो छोटी-छोटी रकम के लेनदेन पर भी इसका असर दिखाई देगा। इससे दुकानदारों की लागत बढ़ सकती है। - रामसिंह, किराना कारोबारी
त्योहारों के समय पर कपड़ो को लेकर खरीददारी बढ़ती है ग्राहक बड़ी संख्या में ऑनलाइन भुगतान करते हैं। ग्राहक सुविधा के लिए यूपीआई जरूरी हो गया है। ऐसे में इस पर शुल्क लगने से कारोबारियों की चिंता स्वाभाविक है। - नदीम, कपड़ा व्यापारी
नवरात्र से लेकर दीपावली तक बर्तनो का काफी अच्छा कारोबार होता है, लेकिन जितना कारोबार होगा व्यापारी पर उतना ही एमडीआर शुल्क बढ़ेगा। - आशीष अग्रवाल, बर्तन कारोबारी
आशीष अग्रवाल
आशीष अग्रवाल