शहीद के परिजन को किया गया सम्मानित, नहीं पहुंचे जिला स्तरीय अफसर और जनप्रतिनिधि
पूरनपुर। शहीद नत्थूलाल व माखन लाल की याद में गांव मुजफ्फरनगर में 36 वां शहीद मेला लगा। मेले में शहीदों को याद कर लोगों ने उनके स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। शहीद के परिजन और अन्य जरूरतमंदों को कंबल बांटे गए। मेले में जिला स्तरीय अफसर और अन्य नेताओं के न पहुंचने पर समिति की ओर से रोष व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर हुई गोष्ठी में कहा गया कि देश की स्वतंत्रता की खातिर अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को भुलाया नहीं जा सकता। गांव के नत्थूलाल, माखन लाल ने देश हित में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान 20 जनवरी 1937 को अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। शहीदों के त्याग से इस गांव को पहचान मिली है। शहीदों की याद में हर साल कार्यक्रम होने चाहिए।
गोष्ठी में एसडीएम अजीत प्रताप सिंह, प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष नरेश पाल सिंह, भाजपा नेता प्रफुल्ल मिश्रा, अनुराग अग्निहोत्री, शहीद ग्रामोउत्थान समिति के अध्यक्ष ओमपाल सिंह आदि ने विचार रखे। इससे पहले एसडीएम और अन्य लोगों ने शहीद स्मारक पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। समारोह में शहीद के परिजन और जरूरतमंदों को राजस्व विभाग की ओर से कंबल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आरके दीक्षित, जगदीश सिंह, विपिन मिश्रा आदि भी शामिल रहे।
वर्ष 1989 से गांव में लगता है शहीद मेला
तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने वर्ष 1989 में गांव पहुंचकर शहीद स्मारक के शिलापट का अनावरण किया था। तब से गांव में तीन दिवसीय शहीद मेला लगने लगा। जिला स्तरीय अफसर भी मेला में पहुुंचते रहे। विभिन्न प्रदर्शनियां भी लगाई जाती थीं। अब मेला मात्र एक दिवसीय लगता है। इस बार मेले में एसडीएम, तहसीलदार के अलावा कुछ भाजपा नेता और ग्रामीण शामिल हुए। संवाद