पीलीभीत। श्रमिकों ने मनरेगा के तहत किए गए काम का भुगतान न मिलने पर अधिकारियों से शिकायत की तो उनकी मुश्किलें और बढ़ गई। अभी तक मामले की बीडीओ के स्तर से जांच नहीं की जा सकी, मगर गुस्साए रोजगार सेवक और पंचायत सचिव ने श्रमिकों को झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश जरूर रच डाली। पीड़ित मनरेगा श्रमिकों ने डीएम कार्यालय में मामले की शिकायत की है।
बरखेड़ा ब्लॉक के गझाड़ा गांव के दो दर्जन मनरेगा श्रमिकों को डीएम कार्यालय में की गई शिकायत में बताया कि जनवरी से जून तक उन्होंने मनरेगा में काम किया था। उनके काम की मजदूरी अभी तक नहीं मिली है। 21 सितंबर को पंचायत सचिव और रोजगार सेवक की शिकायत डीएम से की गई थी। उस शिकायत पर बीडीओ बरखेड़ा को जांच के निर्देश दिए गए थे। अभी तक बीडीओ की जांच शुरू नहीं हुई। मगर, उस शिकायत से गुस्साए रोजगार सेवक ने खुद हमला करने के झूठे आरोप लगाते हुए शिकायत दियोरिया कलां कोतवाली में कर दी। कुछ श्रमिकों को तो पुलिस अपराधियों की तरह पकड़कर ले गई और उठाकर हवालात में बंद कर दिया। गांव के भी लोग हवालात पहुंचे, फिर जाकर बातचीत करके पुलिस से छुड़ाया। अब भी रोजगार सेवक और उसके साथी लगातार धमका रहे हैं। मनरेगा में कराए गए काम का रुपया न देने की बात कही जा रही है। श्रमिकों ने भुगतान कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत करने वालों में अरविंद कुमार, रामऔतार, रामसरन, पुत्तुलाल, ओमप्रकाश, विजेंद्रपाल, नरेंद्रपाल, श्रीपाल आदि शामिल थे।
हमने इस मामले की जांच की थी। श्रमिकों की ओर से लगाए गए आरोप साबित नहीं हो सके। चुनावी रंजिश को लेकर शिकायत की बात सामने आ रही है। जांच रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है। - पीएन द्विवेदी, बीडीओ, बरखेड़ा।