शिकायत के अनुसार, शिखा ने कहा कि वह छत पर टहलने नहीं जाएगी तो कहां टहलने जाएगी। शिखा के इस जवाब से अनिल बौखला गया। अनिल ने शिखा को लात, घूंसो, डंडों और बेल्टों से जमकर पीटा। वह बचाने के लिए आगे बढ़ीं तो उन्हें भी पीटा। उसके बाद अनिल ने शिखा की चुन्नी उसके गले में फंसा कर उसे कमरे के फर्श पर कई बार घसीटा। शिखा बेदम हो गई और कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। अनिल ने घर का मुख्य द्वार बंद कर लिया था।
बचाने दौड़ी मां से कहा- दखल दोगी तो मारकर नदी में फेंक देंगे
अनिल ने विमला को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वह ज्यादा दखलंदाजी करेगी तो उसे मारकर कटना नदी में फेंक दिया जाएगा। उसके बाद आधी रात के समय जब अनिल की आंखें झपक गईं, तभी विमला ने फोन पर बरेली में रह रही अपनी पुत्री मधू, शाहजहांपुर के कस्बा जैतीपुर में रह रही अपनी दूसरी पुत्री शशि और तीसरी पुत्री रुचि को पूरे मामले की जानकारी दे दी। सोमवार को सुबह छह बजे विमला की तीनों पुत्रियां आ गई थीं। पुत्रियों के आते ही विमला को बल मिल गया और वह चिल्ला चिल्लाकर कहने लगी थी, कि शिखा की हत्या अनिल ने की है।
बचाव का रास्ता नहीं बचा तो थाने पहुंचा आरोपी
शोर शराबा सुनकर मौके पर काफी भीड़ लग गई थी। बचाव का कोई रास्ता न देख अनिल उसी समय घटना स्थल से मात्र 100 मीटर की दूरी पर स्थित कोतवाली पहुंच गया। सीओ प्रशांत सिंह ने बताया कि मां विमला की तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।