गांव मझगवा में श्री लंगड़े बाबा देवस्थल पर जिंदा समाधि से पूर्व किया गया भूमि पूजन । संवाद
बिलसंडा। नगर से सटे गांव मझगवां क्षेत्र स्थित श्री लंगड़े बाबा देवस्थल का जीर्णोद्धार नहीं हुआ है। इसके महंत सत्यगिरि सरकारी व्यवस्था से इतने नाराज हैं कि उन्होंने समाधि लेेने का निर्णय है। रविवार को समाधि की तैयार कर ली गई। बड़ी संख्या में संत पहुंच गए हैं। समाधि स्थल पर संतों के साथ मिलकर भूमि पूजन किया।
श्री लंगड़े बाबा देवस्थल का सैकड़ों वर्ष पुराना इतिहास है। वर्तमान में देव स्थल के महंत सत्यगिरि मंदिर की देखरेख करते हैं। महंत इसका जीर्णोद्धार कराने के साथ ही पक्का रास्ता बनवाने और पुलिया निर्माण और वहां पर मॉडल शौचालय निर्माण की मांग कई माह से उठा रहे हैं। पूर्व में भी मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए वह अनशन पर बैठ चुके हैं। बाद में अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया था कि मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य किया जाएगा, लेकिन अनशन समाप्त होने के बाद स्थानीय प्रशासन ने फिर ध्यान नहीं दिया। अभी तक कोई कार्य न होने से नाराज महंत तीन सप्ताह से अनशन पर बैठे हैं।
उन्होंने घोषणा की कि अगर जीर्णोद्धार कार्य नहीं किया गया तो वह जीवित ही समाधि ले लेंगे। इसी क्रम में रविवार को क्षेत्र के कई संत, महात्मा आश्रम पर एकत्र हो गए। समाधि स्थल तैयार कर लिया गया है। महंत ने बताया कि पूर्व में अधिकारियों के आश्वासनों के बाद भी कोई भी कार्य नहीं कराया गया है, जबकि पर्यटन मंत्री का पत्र भी अधिकारियों को मिला। इस पर भी कोई ध्यान नही दिया गया। इसलिए 10 जून को समाधि लेने की घोषणा करनी पड़ी। संवाद
आश्रम पहुंचकर महंत जी को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। अगर उनका निर्णय नहीं बदलता है तो सोमवार को फिर उन्हें समझाकर समाधि न लेने के लिए राजी किया जाएगा।
- जगदीप सिंह मलिक, थाना प्रभारी, बिलसंडा