पीलीभीत। धान खरीद में हुए घोटालों से सबक लेते हुए शासन ने गेहूं खरीद को लेकर साफ सुथरी व्यवस्था का खाका खींचना शुरू कर दिया है। अफसर-माफिया गठजोड़ पर अंकुश लगाने को शासन ने बिचौलियों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं।
शासन ने एक अप्रैल से गेहूं खरीद करने के निर्देश दिए हैं। गेहूं खरीद में पारदर्शिता लाने को तैयारियां भी तेजी हो गई हैं। गेहूं क्रय केंद्रों पर आने वाले किसानों को किसी भी तरह की मुश्किलों का सामना न करना पड़े, इसको लेकर भी प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं किसानों का बिचौलियों द्वारा किए जा रहे शोषण पर भी अंकुश लगाने की रणनीति तैयार की जा चुकी है। शासन इस बार गेहूं खरीद में बिचौलियों और अफसरों की होने वाली सेटिंग पर पूरी नजर रखेगा। इसको लेकर मंडलायुक्त और डीएम को ऐसे बिचौलियों को चिह्नित करने का निर्देश है जो खरीद से जुड़े अफसरों से सांठगांठ कर खरीद करते है और उसे सरकारी दिखाकर क्रय केंद्रों पर खपा देते हैं। इन्हें क्रय केंद्रों से दूर ही रखा जाएगा।
शासन के निर्देशानुसार गेहूं खरीद की तैयारियां शुरू हो चुकी है। क्रय केंद्रों का प्रस्ताव मांगे जाने के साथ बिचौलियों को भी चिह्नित किया जा रहा है। किसी भी दशा में एक किसान का एक से अधिक पंजीकरण नहीं होने दिया जाएगा। -डॉ. अविनाश कुमार झा, डिप्टी आरएमओ