पीलीभीत। शहर में नालों के अतिक्रमण पर दूसरे दिन भी नगरपालिका की जेसीबी मशीन कहर बनकर टूटी। तहसीलदार के नेतृत्व में चार घंटे चले अभियान में नगरपालिका टीम ने नालों के ऊपर दर्जनों दुकानों के आगे बनाए गए पक्के स्लैब जेसीबी मशीन ने ध्वस्त कर दिए। एक दिन पहले स्टेशन रोड पर नाले को पाटकर फड़ खोखे लगाने पर नाराज हुईं ईओ के तेवर देखकर बृहस्पतिवार को पालिका टीम का ध्यान नालों के इन्हीं स्लैब पर रहा।
चार साल पहले तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार शर्मा के नेतृत्व में जिस तरह शहर में अभियान चलाकर शहर को अतिक्रमण के चंगुल से मुक्त कराया था। उसके बाद अफसर उस तरह का अतिक्रमण हटाओ अभियान नहीं चला पाए। नतीजा यह निकला कि शहर की सड़कों और नालियों पर फिर से कब्जे हो गए। दुकानदारों ने नालियों पर पक्के स्लैब बनवा लिए। वहीं खोखे और फड़ वालों ने भी खाली जगह देखकर कब्जा जमा लिया। हाल ही में शासन ने भी अतिक्रमण मामले में सख्ती बरतने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में बुधवार से शहर के स्टेशन रोड पर सिटी मजिस्ट्रेट अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरूआत की गई।
बृहस्पतिवार को तहसीलदार विवेक मिश्रा के नेतृत्व में ईओ निशा मिश्रा और नगरपालिका टीम ने शहर के व्यस्तम समझे जाने वाले छिपियान चौराहा से अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरूआत की। करीब 11 बजे से शुरू हुए अतिक्रमण हटाओ अभियान में व्यापारियों की दुकानों के आगे नाले पर किए गए पक्के स्लैब को जेसीबी ने ढहा दिया। मौके की नजाकत को भांपते हुए कुछ व्यापारियों ने खुद ही अपने स्लैब घन (बड़े हथौड़े) चलवाकर तोड़ना शुरू करा दिया। देखते-ही देखते स्टेशन रोड भारी भीड़ जमा होने लगी। कुछ व्यापारियों ने स्वयं अतिक्रमण हटा लेने के लिए मोहलत मांगी, लेकिन तहसीलदार और ईओ ने उनकी एक न सुनी। छिपियान चौराहे से चावला चौराहा तक सड़क के दोनों ओर नालों पर किए गए दर्जनों कब्जों को जेसीबी मशीन से ध्वस्त करा दिया गया। तहसीलदार और ईओ ने व्यापारियों से दोबारा अतिक्रमण न करने की हिदायत दी।
विरोध करने का साहस नहीं जुटा सके व्यापारी
बृहस्पतिवार को चले अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान कोई खास पुलिस फोर्स मौजूद नहीं रहा, लेकिन तहसीलदार और ईओ के तेवरों को देख व्यापारी विरोध करने का साहस नहीं जुटा सके।
तोडफ़ोड़ की जगह जुर्माने की हो कार्रवाई
अभियान के दौरान उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष मोहम्मद अफरोज जिलानी ने ईओ से मिलकर बार-बार तोड़फोड़ के बजाए जुर्माना वसूलवाने की व्यवस्था की बात कही। उनका कहना था कि बार-बार तोड़फोड़ से राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। बेहतर है कि जो अतिक्रमण करे, प्रशासन उससे जुर्माना वसूले।
नोटिस थमाकर वसूला जाएगा जुर्माना
ईओ निशा मिश्रा ने बताया कि जिन व्यापारियों की दुकानों के आगे जेसीबी मशीन से अतिक्रमण हटाया गया है। उनके नाम सूची में दर्ज किए जा रहे हैं। इन सभी को पहले नोटिस देकर जुर्माना वसूला जाएगा।
डीएम के निर्देशानुसार शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है। अतिक्रमण हटाने से पूर्व अतिक्रमण को चिह्नित किया गया है। व्यापारियों द्वारा अतिक्रमण न हटाने पर कार्रवाई की जा रही है। यह अभियान लगातार जारी रहेगा। -निशा मिश्रा, ईओ, नगरपालिका परिषद