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रेल पटरी के रास्ते अब अयोध्या से आ गए 10 मजदूर

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बरखेड़ा। बाहर से मजदूरों का जनपद में आने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इससे कोरोना संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मगर, प्रशासनिक अफसर इसे हल्के में ले रहे हैं। यह आने वाले समय में बड़ा खतरा बन सकता है। हाल ही में शाहजहांपुर से 21 मजदूर जनपद की सीमा में सुरक्षा को धता बताकर आ गए थे। उसके बाद उत्तराखंड से कुछ श्रमिक साइकिल से आकर राज्य की सीमा पारकर जनपद की सीमा में प्रवेश कर गए। अब अयोध्या से रेल पटरी के सहारे पैदल चलकर 10 मजदूर पीलीभीत पहुंच गए।
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थाना क्षेत्र के पलियामाफी गांव के पांच, बकैनिया के चार, जगतपुर गांव का एक मजदूर अयोध्या में एक गन्ना सेंटर पर मजदूरी करते थे। 12 अप्रैल को गन्ना सेंटर बंद हो गया। इसके बाद खानपान की समस्या आने पर यह सभी श्रमिक रेलवे पटरी के रास्ते पैदल घरों के लिए निकल पड़े। रेल पटरी के रास्ते बृहस्पतिवार को सभी पीलीभीत आ गए। बाद में घर जाने के बजाय सीधे सीएचसी पहुंचे और अपनी स्क्रीनिंग कराई। अभी इनको शेल्टर होम में क्वारंटीन रखा गया है। इसके अलावा बढ़ैहरा गांव के छह मजदूर बदायूं से पैदल घर आ गए। उनको भी स्क्रीनिंग के बाद शेल्टर होम भेजा गया है। हैरानी की बात यह है कि लॉकडाउन के चलतेे जनपद की सीमाएं सील हैं। फिर भी इन श्रमिकों को रास्ते में कहीं रोका नहीं गया न ही इनकी स्क्रीनिंग की गई।
रिश्तेदार को दवा देने दिल्ली से आ गए कार सवार
दूसरे प्रांतों से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग करने के लिए बरखेड़ा सीएचसी गेट पर तैनात कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार दोपहर एक कार को रोका। उसमें दिल्ली निवासी एक युवती समेत दो लोग सवार थे। पुलिस टीम के पूछने पर उन्होंने बताया कि वह माधोटांडा थाना क्षेत्र के गांव रम्पुरा फकीरे में रहने वाले रिश्तेदार को दवा देने आए हैं। खास बात रही कि दिल्ली से आते वक्त रास्ते में उन्हें कहीं रोका नहीं गया। सीएचसी अधीक्षक एसके सिंह ने बताया कि दोनों को परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भिजवाया है।
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