- पुलिस बुलाई, चार अपात्र मिले, स्पष्टीकरण तलब
लोहिया आवास के पात्रों की जांच के दौरान गांव में जमकर हंगामा हुआ। विवाद बढ़ने पर जांच करने गई टीम को पुलिस बुलानी पड़ी। जांच के दौरान चार अपात्रों के नाम सूची में मिलने पर पीडी ने ग्राम पंचायत अधिकारी का जवाब-तलब किया है।
जिले में लोहिया आवास के पात्रों के चयन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायतें आ रही हैं। इस पर डीएम ने जांच के आदेश दिए थे। शनिवार को परियोजना अर्थशास्त्री जेसी जोशी के नेतृत्व में प्रभारी बीडीओ मरौरी आभास कुमार, सौरभ कुमार के साथ शहर से सटे गांव बिलगवां जांच को पहुंचे। गांव में पात्रों की जांच शुरू होने से हड़कंप मच गया और प्रधान एवं विरोधी गुट के लोग एकत्र हो गए और एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने लगे, जिससे हंगामा शुरू हो गया। स्थिति बिगड़ने पर टीम को पुलिस तक बुलानी पड़ गई। बाद में पुलिस की मौजूदगी में लोहिया आवास के पात्रों की जांच हुई। करीब तीन घंटे चली जांच में सूची में दर्ज 18 में से चार लोग अपात्र पाए गए। परियोजना अर्थशास्त्री ने इसकी रिपोर्ट परियोजना निदेशक आरबी भास्कर को सौंप दी। इस बावत जानकारी करने पर पीडी ने बताया कि गलत चयन करने पर ग्राम पंचायत अधिकारी लाल बहादुर का स्पष्टीकरण तलब किया गया है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने गोद ले रखा है गांव
लोहिया आवास के चयन किस कदर गड़बड़ियां हुई हैं इसका अंदाजा शनिवार को हुई जांच से लगाया जा सकता है। जिस बिलगवां गांव में जांच के बाद चार अपात्र पाए गए हैं वह स्वयं डीएम ने गोद ले रखा है। इस गांव की पहली सूची में 35 लोगों के नाम थे, जिसकी प्राथमिक जांच के बाद प्रभारी बीडीओ ने मात्र 18 लोगों के ही नाम रखे थे। इनमें से भी अब चार नाम और अपात्र मिले हैं। विकास भवन में यह चर्चा का विषय बना हुआ है।