पीलीभीत। दूसरे प्रांतों में फंसे करीब 400 मजदूरों की घर वापसी शुरू हो गई है। दिन भर के इंतजार के बाद हरियाणा से पूरनपुर और बीसलपुर के 150 मजदूरों को लेकर छह बसें पहुंचीं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सभी मजदूरों को स्क्रीनिंग के बाद शेल्टर होम में ठहराया। बाकी मजदूरों के भी देर रात तक पहुंचने की उम्मीद थी।
जिले के 400 से अधिक श्रमिक हरियाणा समेत अन्य राज्यों में लॉकडाउन के बाद फंस गए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दूसरे राज्यों में फंसे प्रदेश के मजदूरों को घर तक पहुंचाने की बात कही। इसके बाद प्रशासन ने भी तैयारी कर ली थी। इसकी सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया। डीएम वैभव श्रीवास्तव ने आने वाले श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण, खाने-पीने और ठहरने की व्यवस्था के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की। इसका नोडल अधिकारी पीडी योगेंद्र पाठक को बनाया गया। स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी चार टीमों को आने वाले श्रमिकों की जांच के लिए तैयार कर लिया। कयास लगाए जा रहे थे कि श्रमिक शानिवार देर रात पहुंचना शुरू हो जाएंगे, मगर ऐसा नहीं हुआ। टीमें श्रमिकों का इंतजार करती रहीं।
रविवार को भी दिन भर श्रमिकों की वापसी को लेकर इंतजार जारी रहा। देर शाम एक बस में सवार होकर हरियाणा से पूरनपुर के रहने वाले 28 श्रमिक पहुंचे। फिर रात में अन्य पांच बसों से 123 श्रमिकों को लेकर पहुंचीं, इनमें पूरनपुर और बीसलपुर के श्रमिक थे। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सभी मजदूरों की स्क्रीनिंग की और फिर शेल्टर होम में भिजवा दिया। सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने बताया कि अन्य दूसरों का इंतजार चल रहा है। जैसे-जैसे मजदूर आते रहेंगे, उनकी स्क्रीनिंग के बाद शेल्टर होम में ठहरवाया जाएगा।