पीलीभीत। उत्तराखंड के लालकुआं से रेल पटरी के सहारे आठ श्रमिक जिले में पहुंचे। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने सभी को रोककर रात में स्वास्थ्य विभाग की टीम को बुलाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया और शेल्टर होम भेज दिया। वहीं मझोला में 19 और बरखेड़ा में भी 25 श्रमिकों को रोककर स्क्रीनिंग करने के बाद उन्हें शेल्टर होम भेजा गया।
लॉकडाउन के कारण कारखाने बंद होने से देश के अलग-अलग प्रांतों से आने वाले श्रमिकों और अन्य व्यक्तियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। शनिवार रात भी आठ श्रमिक रेल पटरी होते हुए जिले में आ पहुंचे। ग्रामीणों ने इसकी सूचना रात में ही डायल 112 को दी। पुलिस ने बरहा गांव के पास बने अंडरपास पर सभी को रोक लिया। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम के डॉ. देवेंद्र अस्थाना ने सभी का परीक्षण किया। परीक्षण के बाद सभी को पुलिस अपने साथ ले गई। रविवार को सभी आठ श्रमिकों को शेल्टर होम भेज दिया। इसके अलावा मझोला क्षेत्र में भी लालकुआं से 19 श्रमिक आ गए। बैरियर पर पुलिस ने सभी को रोक लिया। सूचना मिलते ही एसडीएम सौरभ दुबे भी मौके पर पहुंच गए। सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद नेहरू इंटर कॉलेज मझोला में बने शेल्टर होम में भिजवा दिया गया।
बरखेड़ा। उत्तराखंड के लालकुआं से आ रहे 25 श्रमिकों को पुलिस ने रविवार सुबह बरखेड़ा-नवाबगंज मार्ग पर देवहा नदी के पुल के समीप लगे बैरियर पर पुलिस ने रोक लिया। श्रमिकों ने बताया कि वे सभी बलिया जा रहे हैं। इन सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। इसमें से तीन श्रमिकों को एंबुलेंस से सैंपलिंग के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया और शेष बचे 22 श्रमिकों को बीसलपुर शेल्टर होम भेज दिया।