पीलीभीत। कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने आने के बाद सरकार ने लॉकडाउन-पार्ट तीन लागू कर दिया है। आज से 14 दिनों के लिए लॉकडाउन रहेगा। बीते दो चरणों के लॉकडाउन के 40 दिन में एक हजार करोड़ के कारोबार का नुकसान हो चुका है। अभी दो हफ्ते में कम से कम 300 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है।
लॉकडाउन पार्ट-3 में सराफा, बर्तन, कपड़ा, इलेक्ट्रानिक, मोबाइल, मोबाइल एसेसरीज, मिठाई और बरातघरों में 290 करोड़ से अधिक के नुकसान होने का अंदाजा लगाया जा रहा है। इसके अलावा अन्य व्यवसाय में 10 करोड़ से अधिक का असर पड़ेगा। कारोबारी इसे लेकर चिंता में हैं। मगर, लॉकडाउन के नियमों के पालन के अलावा किसी के पास दूसरा चारा भी नहीं है।
सराफा कारोबार में 70 करोड़ का नुकसान
सराफा की 600 छोटी-बड़ी दुकानें हैं। लॉकडाउन के चलते यह सभी बंद चल रही हैं। सहालग के समय सराफा दुकानों पर खरीदारों की भीड़ लगी रहती थी, लेकिन इन दिनों बाजार में सन्नाटा पसरा है। कारोबारियों के मुताबिक 14 दिनों का लॉकडाउन बढ़ने से सहालग भरे सीजन में करीब 70 से 80 करोड़ का व्यापार प्रभावित होगा।
कोरोना वायरस के चलते करोड़ों का व्यापार ठप हो चुका है। दोबारा लॉकडाउन बढने के बाद हमें फिर से नुकसान झेलना होगा। दुकानें बंद हैं। किराया बढ़ता जा रहा है। वेतन देना पड़ रहा है। डबल नुकसान हो रहा है। -संजीव अग्रवाल, सराफा कारोबारी
बर्तन कारोबार दोहरी मार
लॉकडाउन ने बर्तन कारोबाभर ठंडा कर दिया है। सहालग के सीजन में अप्रैल से जून माह तक शादी ब्याह चलते हैं। इससे दुकानों पर खरीदारी बढ़ती है। 14 दिन का लॉकडाउन बढने से सहालग के दिनों में होने वाली कमाई पर पानी फिर गया है। कम से कम 10 करोड़ से अधिक का नुकसान है।
मार्च की सहालग का नुकसान पूरा नहीं हो पाया। 14 दिनों के लॉकडाउन में बाजार पूरी तरह खत्म हो जाएगा। दुकानों में माल भरा है। खरीदार नहीं मिल रहा है। -आशीष अग्रवाल, बर्तन कारोबारी
मोबाइल बाजार में 45 करोड़ की चपत
लॉकडाउन में मोबाइल बाजार भी पस्त दिखाई दे रहा है। लोगों को उम्मीद थी कि तीन मई को लॉकडाउन खुल जाएगा। लेकिन अब इसे 14 दिनों तक बढ़ा दिया गया है। 100 से अधिक मोबाइल की दुकानें हैं। इससे जुड़े कारोबारियों का कहना है कि 14 दिनों के लॉकडाउन में 45 करोड़ से अधिक का नुकसान होगा।
मोबाइल व्यापार बहुत घाटे में चला गया है। कुछ उम्मीद थी कि तीन मई के बाद बाजार में फिर से रौनक आएगी। लेकिन लॉकडाउन फिर बढ़ गया। करोड़ो का नुकसान झेल चुके हैं। -वजाहत शकील, मोबाइल कारोबारी
80 करोड़ का इलेक्ट्रानिक बाजार तबाह
लॉकडाउन से इलेक्ट्रानिक कारोबार तगड़े झटके में है। कूलर, एसी, फ्रिज की बिक्री बंद है। सहालगों में इनकी खूब खरीदारी होती है। कारोबारियों का कहना है कि 17 मई तक 80 करोड़ से अधिक का नुकसान होगा।
लॉकडाउन होने से व्यापार पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। इलेक्ट्रानिक कारोबार को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा है। तीन मई के बाद फिर से भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। -आशुतोष अग्रवाल, इलेक्ट्रानिक कारोबारी,
मिठाई कारोबार को 15 करोड़ की चपत
मिठाई की 150 से अधिक दुकानें हैं। इनमेें कुछ दुकानें बड़ी हैं। 23 मार्च से अब तक दुकानों में तैयार करोड़ों की मिठाई खराब हो गई। उसे फेंकना पड़ा। लॉकडाउन ने मिठाई कारोबार खत्म कर दिया है। 14 दिनों के लॉकडाउन में कारोबारी 15 करोड़ से अधिक के नुकसान का अंदाजा लगा रहे हैं।
पहले ही करोड़ों की तैयार मिठाई बर्बाद चुकी है। दो हफ्ते तक दुकानें बंद रहेंगी। मिठाई कारोबार तो एक तरह से खत्म ही है। कोरोना सब कुछ लील गया। पता नहीं, आगे क्या होगा। -हरीश शर्मा, मिठाई कारोबारी
बरातघरों को 35 करोड़ का नुकसान
कोरोना के चलते बरातघर बंद चल रहे हैं। लॉकडाउन के बाद ज्यादतर पार्टीयों ने बुकिंग कैंसिल कर दी। बरातघरों से कैटरिंग, डेकोरेशन वाले भी जुड़े रहते हैं। पिछले लॉकडाउन में इनका 80 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। तीन मई के बाद इन्हें कुछ उम्मीद बंधी थी, लेकिन लॉकडाउन बढ़ने से इनके अरमानों पर पानी फिर गया। बरातघर संचालकों के मुताबिक दो हफ्ते के लॉकडाउन में 35 करोड़ से अधिक का नुकसान है।
बैंक्वेट हाल तो पहले ही बंद थे। पुरानी बुकिंग कैंसिल करनी पड़ी थी। इसमें भारी नुकसान हो चुका है। लॉकडाउन ने सारा कारोबार चौपट कर दिया है। कुछ कह नहीं सकते। -नंदकिशोर, बरातघर संचालक