पीलीभीत। ऑरेंज जोन होने के बाद लॉकडाउन में मिली छूट में प्रशासन की ओर से शर्तों के साथ दुकानें खोलने की अनुमति दी गई थी, लेकिन लोगों ने छूट का गलत फायदा उठाया। पहले दिन तो बाजार में हालात बेकाबू रहे। दूसरे दिन कुछ सुधार दिखा, लेकिन सराफा बाजार, बर्तन बाजार के साथ अन्य दुकानों पर भी सामान खरीदने के नाम पर मजमा लगा रहा। अगर बाजार में भीड़ लगने के हालात में बदलाव नहीं आया तो प्रशासनिक सख्ती बढ़ाई जा सकती है।
लॉकडाउन में छूट के दूसरे दिन बुधवार को बर्तन, जूते चप्पल की दुकान, चश्मा और सराफा बाजार को खोला गया था। प्रशासन की शर्तों के मुताबिक सुबह सात से 11 बजे तक फल सब्जी की दुकानें खोलने की अनुमति दी गई थी। मगर, लॉकडाउन-03 में प्रशासन की ओर से दी गई छूट पर लोग इतने उतावले हो गए कि दुकानदार से लेकर खरीदार तक घरों से निकले और रास्ते में ही लॉकडाउन के नियमों को भूल गए। इतना ही नहीं दुकानों तक आते-आते सामाजिक दूरी का पालन नहीं करके मजमा लगाकर खरीदारी में जुटे रहे। वहीं घरों से सड़कों तक वाहनों की संख्या भी बढ़ गई और तमाम लोग सड़कों पर टहलते नजर आए। दुकानदारों ने ग्राहकों के लिए सैनिटाइजर की भी व्यवस्था नहीं की। न ही हाथ धुलने के इंतजाम थे। बुधवार को स्टेशन रोड, गैस चौराहा, चावला चौराहा, लोहा बाजार, मिर्च मंडी, सब्जी मंडी, ड्रमंडगंज चौराहा और जेपी रोड पर भीड़ ही भीड़ रही। वाहनों की संख्या अधिक होने पर ड्रमंडगंज चौराहा पर आधा घंटे तक जाम लगा रहा। खरीदारी करने के चक्कर में लोग कोरोना जैसी महामारी को भूल बिना सामाजिक दूरी का पालन करते हुए खरीदारी करने में मशगूल थे। पुलिस और प्रशासनिक अफसर भी दूसरे दिन लॉकडाउन का पालन कराने में असफल रहे।
दुकान पर आए ग्राहक तो पहले की स्क्रीनिंग
कोरोना के खौफ से बुधवार को सराफा बाजार में कई दुकानदारों ने दुकान पर आने वाले ग्राहकों को पहले सैनिटाइजर से हाथ धुलवाए। इसके बाद उनकी स्क्रीनिंग की। ताकि अगर किसी में कोई लक्षण मिले तो पता चल सके। इसके अलावा सामाजिक दूरी का पालन भी कराया गया, मगर, ऐसा कुछ ही दुकानों पर ही हुआ।