पीलीभीत। प्राइवेट लैब की रिपोर्ट में कोरोना संक्रमित पाए गए युवक की सरकारी जांच में रिपोर्ट निगेटिव आने के बावजूद कंटेन्मेंट जोन बना गांव मगरासा अब 14 दिन बाद ही खोला जाएगा। वहीं इस मामले में शहर में बंद किए गए निजी अस्पताल खोलने पर उसके स्टाफ के सभी लोगों की सैंपल रिपोर्ट आने के बाद ही फैसला होगा। डीएम और सीएमओ ने स्पष्ट कहा कि इस मामले में किसी तरह का खतरा नहीं उठाया जा सकता।
ललौरीखेड़ा ब्लाक के गांव मगरासा निवासी युवक की प्राइवेट लैब में कराई गई जांच में वह कोरोना संक्रमित पाया गया था। डीएम वैभव श्रीवास्तव के निर्देश पर चार मई को मगरासा गांव को कंटेन्मेंट जोन में शामिल करते हुए गांव की तीन किमी परिधि के सभी गांवों को सैनिटाइज किया गया। वहीं हादसे में घायल इस युवक का इलाज करने वाले निजी अस्पताल को भी सीएमओ ने बंद कराते हुए डॉक्टर समेत 29 लोगों को सैंपल लेने के बाद उसी अस्पताल में ही क्वारंटीन कर दिया था।
इधर बरेली में भर्ती संक्रमित युवक का दोबारा सैंपल लेकर जांच कराई गई। आईवीआरआई में कराई गई जांच में उस युवक में कोरोना का संक्रमण नहीं पाया गया। इसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि युवक की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद बंद अस्पताल को खोलने की अनुमति दे दी जाएगी और मगरासा गांव भी कंटेन्मेंट जोन से बाहर आ जाएगा। इस मामले में जब सीएमओ से जानकारी की गई तो उन्होंने निजी अस्पताल को खोलने की अनुमति देने से इनकार करते हुए बताया कि अस्पताल के सभी 29 लोगों के स्टाफ की रिपोर्ट आने के बाद ही तय किया जाएगा कि अस्पताल खोला जाए या नहीं। इधर जिला प्रशासन के मुताबिक मगरासा गांव 14 दिन के लिए कंटेन्मेंट जोन में ही रहेगा।
कोरोना संक्रमित युवक की जांच रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है। सुरक्षा की दृष्टि से कंटेन्मेंट जोन में शामिल गांव मगरासा में 14 दिन तक यथास्थिति रहेगी। -वैभव श्रीवास्तव, डीएम