पीलीभीत। लॉकडाउन का फायदा उठाकर टनकपुर हाईवे पर डिग्री कॉलेज चौराहा के पास तालाब पर कब्जा करने की कोशिश में नामजद हुए शहर के जाने माने सर्जन डॉ. शैलेंद्र गंगवार पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद बसपा के लोगों ने किनारा कर लिया है।
शनिवार रात को तालाब पर जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रॉली ले जाकर उसको मिट्टी से पटवाया जा रहा था। इसी बीच प्रशासनिक अफसरों ने छापा मार दिया था। इसमें सभी भाग गए थे। मामले में लेखपाल की तरफ से सुनगढ़ी थाने में डॉ. शैलेंद्र को नामजद करते हुए 15 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अब इस मामले के उजागर होने के बाद बसपा नेताओं ने 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के टिकट पर बरखेड़ा से चुनाव लड़े डॉ. शैलेंद्र गंगवार से किनारा कर लिया है। लोकसभा चुनाव से ही उनके पार्टी सदस्य न होने की बात कही जा रही है। बसपा जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि डॉ. शैलेंद्र लंबे समय से बसपा के कार्यकर्ता भी नहीं है। वह लोकसभा चुनाव में टिकट पाने के चक्कर में दूसरी पार्टी में चले गए थे। इसके बाद से ही उनका पार्टी से कोई नाता नहीं है। उधर, डॉ. शैलेंद्र गंगवार का कहना है कि वह बसपा के सक्रिय सदस्य हैं। चुनाव भी पार्टी के टिकट पर लड़ चुके हैं। उन्हें किसी तरह से निष्कासन की कोई जानकारी नहीं है। कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है। संवाद