पीलीभीत। रजिस्ट्री कार्यालय के पास छापा मारकर लॉकडाउन के उल्लंघन में जो गत्ता कारखाना तीन दिन पहले बंद कराया गया था, शनिवार रात वह फिर चलता मिला। मगर रसूख के चलते कारखाना मालिक को फिर अभयदान दे दिया गया।
लॉकडाउन में दुकान, जिम, कारखाने सब बंद करने के आदेश हैं। इसके बावजूद रजिस्ट्री कार्यालय के पास एक गत्ता कारखाना मालिक मजदूरों को बुलाकर काम करा रहा है। 16 अप्रैल को शिकायत मिलने पर कोतवाली पुलिस ने कारखाना बंद करने की हिदायत देकर मजदूरों को छोड़ दिया था। पहले तो पुलिस की ओर से कारखाना मालिक पर कार्रवाई के दावे किए गए, मगर बाद में अफसरों की सिफारिश पर मामला रफा-दफा कर दिया गया।
कारखाना मालिक ने दोबारा काम शुरू करा दिया। शनिवार रात स्थानीय लोगों ने आयुर्वेदिक कॉलेज चौराहा पर लॉकडाउन का पाठ पढ़ा रहे कोतवाल श्रीकांत द्विवेदी से शिकायत की। कहा कि पुलिस आम आदमी को जरूरत का सामान लेने के लिए भी निकलने नहीं दे रही। उस पर रिपोर्ट दर्ज हो जाती है। मगर, गत्ता कारखाना में मजदूर काम कर रहे हैं। उन्हें क्यों नहीं रोकते।
पुलिस ने तत्काल कारखाने में छापा मारा। शिकायत सही निकली। कारखाने में मजदूरो काम करते मिले। पुलिस के पहुंचते ही वहां काम कर रहे लोग भागने लगे। आठ मजदूरों को पुलिस ने पकड़ लिया। मगर इस बार भी कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई गई। उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। बताया जाता है कि कुछ अफसरों के दबाव में कारखाना मालिक पर कार्रवाई नहीं की गई है। अफसरों की कारखाना मालिक से पहले ही बात हो गई थी। कोतवाल का कहना है कि स्थानीय लोगों की शिकायत पर छापा मारा था। कारखाने में मजदूरों के काम करते मिलने पर उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया। कारखाना बंद करा दिया गया है।