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लॉकडाउन का उल्लंघनः नमाज को फिर जुटी भीड़, सात गिरफ्तार

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पीलीभीत। लॉकडाउन के बीच मोहल्ला दुर्गाप्रसाद में मस्जिद अब्बासियान में जुमे की नमाज पढ़ने के लिए भीड़ इकट्ठा होने पर एसडीएम और सीओ ने सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद छह लोग घर भेज दिए गए, जबकि एक को स्वास्थ्य परीक्षण में बुखार मिलने पर प्रशासन के क्वारंटीन वार्ड भेजा गया है। पकड़े गए लोगों पर कानूनी शिकंजा कसते हुए कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
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कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए देश भर में 21 दिन का लॉकडाउन किया गया है। इसमें धार्मिक स्थलों पर भीड़ जमा न करने के सख्त आदेश हैं। घरों पर रहकर ही नमाज अदा करने की अपील लगातार की जा रही है। इन आदेशों में यह भी है कि सिर्फ मस्जिद में रहने वाले चंद लोग ही नमाज पढ़ सकेंगे, वह भी दूरी बनाकर। दिल्ली के निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात का मामला सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस की ओर से निगरानी और बढ़ा दी गई है। बीते दिनों बेलों वाली मस्जिद में नमाज के लिए भीड़ जमा हुई थी। इसमें इमाम समेत 100 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसके बाद अब शुक्रवार को दूसरा मामला सामने आया।
दोपहर बाद जुमे की नमाज को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई थी। इसी के तहत भ्रमण पर निकले एसडीएम सदर अविनाश मौर्य, सीओ सिटी प्रवीण मलिक, कोतवाल श्रीकांत द्विवेदी पुलिस बल के साथ मस्जिदों की निगरानी में निकले हुए थे। मोहल्ला दुर्गाप्रसाद में मस्जिद अब्बासियान में भीतर कई लोग दिखाई दिए। यह भी पता चला कि नमाज पढ़ने के लिए लोगों को फोन कर बुलाया गया है। मस्जिद के गेट पर रंगाई-पुताई भी कराई जा रही थी, जबकि इस वक्त इन सब कामों पर रोक है। अधिकारियों ने इसको लेकर सवाल-जवाब किए तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बताते हैं कि नमाज पढ़ने आए लोग सटकर बैठे हुए थे। अधिकारियों ने तत्काल सख्त एक्शन लिया और नमाज अदा किए जाने के बाद सात लोगों को धर दबोचा, जबकि चार वहां से चुपचाप निकल गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम बुलाकर परीक्षण कराया गया। इसमें पकड़े गए मोहल्ला अशरफ खां निवासी रेहान को 101 डिग्री बुखार निकला। उसे तत्काल प्रशासन के बनाए क्वारंटीन वार्ड में 14 दिन के लिए भेज दिया गया।
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सात नामजद और चार अज्ञात पर रिपोर्ट
अधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद कोतवाली में मोहल्ला अशरफ खां निवासी रेहान, मोहल्ला मोहम्मद वासिल निवासी जमील अहमद, मोहल्ला दुर्गाप्रसाद निवासी शफीक अहमद, इकबाल अहमद, मोहल्ला मुनीर खां निवासी मोहम्मद अतीक, मोहल्ला मोहम्मद फारूख निवासी शाहबाज, मोहल्ला शेर मोहम्मद निवासी मोहम्मद आकिल को नामजद करते हुए चार अन्य अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। यह रिपोर्ट निषेधाज्ञा के उल्लंघन की धारा 188, इकट्ठे होने की धारा 147, किसी बीमारी के फैलने के लिए की गई लापरवाही की 269 व 270 और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत दर्ज की गई है। रेहान को क्वारंटीन कराया गया, जबकि अन्य को नोटिस तामील कराकर छोड़ दिया गया। पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई से हड़कंप मचा रहा।
ड्रोन कैमरे से रखी गई नजर
जुमे की नमाज को लेकर पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी टीम बनाकर निगरानी में जुटे रहे। ड्रोन कैमरे की मदद से मस्जिद और उसके आसपास के घरों की छतों के हालात पर नजर रखी गई। शहर की अन्य मस्जिदों में नमाज के लिए लोगों के पहुंचने की खबर भी अधिकारियों तक पहुंची। इस पर पुलिस और प्रशासन की टीम दौड़ती रही, लेकिन मिला कोई नहीं।
मस्जिद गेट पर चस्पा किए गए संदेश को देखकर दंग रह गए अफसर
जिस मस्जिद में नमाज पढ़ने और पेंट करने आए लोगों की धरपकड़ की गई, उसकी दीवार पर एक संदेश चस्पा किया गया था। इसमें पांच लोगों के नमाज पढ़ने के लिए आने की अनुमति बताई गई थी। यह आदेश डीएम की ओर से दर्शाया गया था। इसे पढ़कर अधिकारी भी दंग रह गए। तत्काल सिपाही से इसका सुधार कराया गया। जहां पर पांच लोगों के नमाज पढ़ने आने की बात लिखी हुई थी। उसके स्थान पर लिखाया गया कि सिर्फ मस्जिद में रहने वाले अधिकतम पांच लोग ही नमाज पढ़ेंगे।
धार्मिक स्थलों पर भीड़ न जुटाने के निर्देश पहले से दिए जा चुके हैं। जुमे की नमाज को लेकर निगरानी की गई थी। इसी के तहत मस्जिद में नमाज पढ़ाने का मामला सामने आया। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस की सबसे अपील है कि लॉकडाउन का पालन करें। भीड़ न इकट्ठी करें। - अभिषेक दीक्षित, एसपी
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