पीलीभीत। मतगणना के दिन बैरिकेडिंग पर कार रोकने को लेकर रिटायर्ड फौजी से हुए विवाद में पुलिस पर बंधक बनाकर मारपीट करने के आरोप लगने के बाद एक दिन पहले पूरनपुर कोतवाल सुनील शर्मा को लाइन हाजिर कर दिया गया था। उनके स्थान पर दूसरे दिन रविवार को तैनाती कर दी गई। जहानाबाद थाने के प्रभारी निरीक्षक हरीश वर्धन सिंह को पूरनपुर की कमान सौंपी गई है। वहीं, एसओजी प्रभारी इंस्पेक्टर नरेश कश्यप को जहानाबाद थाने का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है।
एक दिन पहले हुई कार्रवाई के बाद कई इंस्पेक्टर पूरनपुर कोतवाली का प्रभारी बनने के लिए जोर लगाने लगे थे। एक इंस्पेक्टर की तो चर्चाएं भी तेज हो गई थी। मगर अब की गई तैनाती के बाद उनमें भी मायूसी दिखी। इसे लेकर विभाग में चर्चा का दौर रहा। हरीश वर्धन सिंह बाजी मार ले गए। वहीं, जहानाबाद के प्रभारी निरीक्षक बनाए गए नरेश कश्यप इससे पहले थाना गजरौला, बिलसंडा, न्यूरिया में भी बतौर प्रभारी रह चुके हैं। बिलसंडा में तैनाती के दौरान एक मामले में एक जनप्रतिनिधि से उनकी तकरार हो गई थी। उनके वहां से हटने को इसे ही वजह माना गया था। 24 अप्रैल की रात दबिश देने आई उत्तराखंड पुलिस की एके-47 रायफल शातिर अपराधी राधवपुरी गांव निवासी जसवंत उर्फ जस्सी छीनकर भाग गया था। दो दिन बाद ही एके-47 बरामद हो गई थी। उसकी बरामदगी में एसओजी प्रभारी की अहम भूमिका रही थी। उसी के बाद से उन्हें किसी थाने का चार्ज मिलने की चर्चाएं पुलिस विभाग में तेज हो गई थी। अब उनकी तैनाती को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। एसपी किरीट कुमार ने बताया कि पूरनपुर और जहानाबाद में प्रभारी निरीक्षकों की तैनाती की गई है।