पीलीभीत। हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश छांगुर राम ने एक महिला और उसके चार पुत्रों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 30-30 हजार के अर्थदंड भी लगाया है। एक आरोपी को आयुध अधिनियम में भी दोषी पाया है। उसे दो वर्ष का कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया।
पूरनपुर के गांव रुदपुर निवासी कुसमा देवी ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि गांव निवासी राजीव, प्रमोद व विनोद ने पूर्व में उसके देवर ब्रह्मपाल को जान से मारने की नीयत से हमला किया था। इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई गई। आरोपी जेल चले गए थे। इसके बाद जमानत पर छूटकर आए। 24 अगस्त, 2014 को रात नौ बजे प्रमोद, राजीव, अनिल, सुनील व उनकी मां प्रेमवती एक राय होकर धारदार हथियार लेकर गालीगलौज करते हुए घर में घुस आए। जेल भिजवाने की खुन्नस मानते हुए हमला कर दिया।
जान से मार की नीयत से उसके ससुर रामचंद्र, सास रामबेटी, पति बबलू, देवर धर्मेंद्र पर धारदार हथियारों से हमला किया गया। हमले में सभी गंभीर रूप से घायल हो गए। ससुर रामचंद्र, सास रामबेटी की हालत ज्यादा गंभीर होने पर पीलीभीत से बरेली रेफर किया गया। इलाज के दौरान ससुर रामचंद्र की मृत्यु हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता नरेंद्र गंगवार ने कई गवाह न्यायालय में पेश किए। आरोपियों ने खुद को निर्दोष होना बताया। न्यायालय ने दोनों ओर से प्रस्तुत तर्कों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद सभी आरोपियों को दोषी पाते हुए दंडित किया।