कोतवाली बीसलपुर क्षेत्र के गांव मुसेली का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। थाना बीसलपुर क्षेत्र में रामआसरे (48) की हत्या कर लाश छिपाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश गीता सिंह ने चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक को 30-30 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है।
कोतवाली बीसलपुर के गांव मुसेली निवासी सोनू ने तहरीर देकर बताया था कि पांच फरवरी 2013 को वह व उसके ताऊ रामआसरे पेशी पर पीलीभीत कचहरी आए थे। पेशी के बाद वे लोग अलग-अलग साधनों से बीसलपुर वापस आए। । बीसलपुर से ताऊ गांव जा रहे थे, तभी रास्ते में रसूला पुलिया के पास गांव के ही मुकेश, माखन व कल्लू रामआसरे को पीटते दिखे।
वह बस में बैठा था। ऐसे में कुछ कर नहीं सका। रिछोला चौराहे पर उतरकर उसने अपनी मां गुड्डी को बुलाया और चुर्रा चौकी गया। तब पुलिस ने उसके साथ रामआसरे को तलाश किया। किंतु शाम होने के कारण जानकारी नहीं हो सकी। अगले दिन रामआसरे की लाश खाली खेत में पड़ी मिली।
मुकदमे बाजी के चलते आरोपियों ने रामआसरे की हत्या कर लाश छिपा दी थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना में गांव मुसेली के सोनू व राजू, बरेली के थाना भुता के गांव बकरापुर के ऋषिपाल उर्फ बरइया व थाना हाफिजगंज (बरेली) के गांव वीसी रमपुरा के महेश को रामआसरे की हत्या कर लाश छिपाने का दोषी पाते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कई गवाह न्यायालय मे पेश किए गए। वहीं आरोपियों ने निर्दोष होना बताया। न्यायालय ने सुनवाई के वाद सोनू, राजू, ऋषि पाल उर्फ बरइया व महेश को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया।