फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pilibhit News: छुट्टा जानवरों की जानलेवा चहलकदमी से थम रही जिंदगी

Thu, 28 Aug 2025 12:01 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
विज्ञापन
शहर में नौगवां ओवरब्रिज के नीचे सड़क पर बैठे गोवंश संवाद
विज्ञापन
पीलीभीत। शहर और जिले की सभी प्रमुख सड़कों पर छुट्टा जानवरों की चहलकदमी से जिंदगी पर ब्रेक लग रहा है। इनकी वजह से आए दिन हो रहे हादसों में लोग जान गवां रहे हैं। वहीं, घायल अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। पशुओं के संरक्षण और सुरक्षित सफर के दावे कागजों पर ही दौड़ रहे हैं। अफसरों का दावा है कि जिले में सिर्फ एक हजार पशु ही बाहर घूम रहे हैं, जबकि 1500 से 2000 के करीब छुट्टा जानवर तो जिले की नगर निकायों और प्रमुख सड़कों पर ही दिख जाएंगे।
विज्ञापन


पीलीभीत से टनकपुर हाईवे हो या शाहजहांपुर मार्ग हर जगह छुट्टा जानवरों का डेरा है। अमरिया जाने वाले हरिद्वार हाईवे पर भी छुट्टा जानवर हमेशा रहते हैं। सबसे अधिक जोखिम बीसलपुर मार्ग पर रहता है। इस मार्ग पर कई स्थानों पर छुट्टा पशुओं का झुंड सड़क पर ही बैठा नजर आता है। बरखेड़ा कस्बे में कई स्थानों पर 10 से 15 जानवरों का झुंड सड़क पर विचरण करता दिखता है। रात में अचानक से वाहन के सामनेे आ जाने पर हादसे होते हैं। कई लोग अपनी जान गवां चुके हैं।

सुरक्षित आवागमन में बाधक, आमजन की बन रहे मुसीबत
करीब दो सौ से अधिक छुट्टा जानवर शहर की सड़कों पर ही विचरण करते नजर आते हैं। गौहनिया चौराहे से स्टेडियम मार्ग पर डलावघर के पास पूरे दिन छुट्टा पशुओं का झुंड डेरा जमाए रहता है। सुनगढ़ी थाने से आगे, स्टेशन मार्ग पर, नौगवां ओवरब्रिज से पहले, असम चौराहे पर और अन्य स्थानाें पर भी जानवरों की चहलकदमी दिखती है। जानवर सुरक्षित आवागमन में बाधा तो बन ही रहे, हादसे की बड़ी वजह भी बनते हैं। सब्जी एवं फल मंडी में भी 100 के करीब छुट्टा पशु घूमते रहते हैं।
विज्ञापन


आंकड़ों में गो-आश्रय स्थल और संरक्षित पशु
- 62 कुल गो-आश्रय स्थल संचालित हैं जिले में
- 10 स्थायी गोशालाएं शामिल हैं।
- 52 अस्थायी गोशालाओं का संचालन हो रहा है।
- 7066 पशुओं को किया गया है संरक्षित
- 2 वृहद गोशाला निर्माणाधीन
- 1000 से अधिक पशु सड़कों पर घूम रहे हैं।
नोट: यह आंकड़े पशुपालन विभाग के हैं।

केस एक : 30 जुलाई को पीलीभीत-टनकपुर हाईवे पर गांव सैदपुर के पास बरेली के सूफी टोला निवासी संजय की बाइक अचानक सामने आए गोवंश से टकरा गई थी। हादसे में संजय की मौत हो गई और उनका साला अभिषेक गंभीर घायल हुआ था।

केस दो : 20 अगस्त की देर रात पीलीभीत-बीसलपुर मार्ग पर गांव पतरसिया में पेट्रोल पंप के समीप बाइक सवार बरखेड़ा निवासी सूरज अचानक सामने आए सांड़ से टकरा गए। हादसे में सूरज और उसका साथी गंभीर घायल हो गया। परिजन दोनों को बरखेड़ा सीएचसी लाए। जहां चिकित्सक ने सूरज के मृत घाेषित कर दिया।


फोटो:
सड़क पर घूम रहे छुट्टा जानवर एक बड़ी समस्या बने हैं। आए दिन हादसे हो रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी अपनी ड्यूटी का निर्वहन करें तो छुट्टा पशुओं से होने वाली मौतों को रोका जा सकता है।- अफरोज, बरखेड़ा

फोटो:
छुट्टा जानवरों की वजह से पीलीभीत-बीसलपुर सड़क पर आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। पिछले छह महीनों में आधा दर्जन लोगों की सांड़ व अन्य पशुओं के टकराने से हुई हैं।- राजेश कुमार, बरखेड़ा

शहर में नौगवां ओवरब्रिज के नीचे सड़क पर बैठे गोवंश संवाद

शहर में नौगवां ओवरब्रिज के नीचे सड़क पर बैठे गोवंश संवाद

शहर में नौगवां ओवरब्रिज के नीचे सड़क पर बैठे गोवंश संवाद

शहर में नौगवां ओवरब्रिज के नीचे सड़क पर बैठे गोवंश संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें