एलएच मिल प्रबंधक द्वारा अवशेष गन्ना भुगतान न होे पाने के लिए शासन को जिम्मेदार बताने को गन्ना विभाग ने गंभीरता से लिया है। डीसीओ ने मिल अध्यासी को नोटिस देकर इस बाबत उनका स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही शीघ्र भुगतान न करने पर विधिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
जिले की दोनों प्राइवेट मिलों ने गन्ना मूल्य का 230 रुपये के हिसाब से भुगतान कर दिया है अब दोनों मिलों पर अंतर मूल्य का भुगतान शेष बचा है। इसको लेकर डीसीओ द्वारा नोटिस दिए जाने के बाद एलएच मिल के प्रधान प्रबंधक ने भुगतान न हो पाने के लिए शासन को जिम्मेदार ठहराते हुए ब्यान जारी किया था। इसका संज्ञान लेकर गन्ना विभाग ने कार्रवाई शुरू की है। डीसीओ राजेश्वर यादव ने मिल अध्यासी को नोटिस भेजा है। इसमें कहा गया है कि मिल द्वारा गन्ना खरीदने का अनुबंध गन्ना समितियों से होता है। मिल ने अपने व्यवसाय के लिए समिति के माध्यम से किसानों का गन्ना खरीदा है जिसका भुगतान करने की जिम्मेदारी भी मिल अध्यासी की है। इस अनुबंध में विद्युत आपूर्ति का कोई लेना देना नहीं है। डीसीओ ने इस तरह का बयान जारी करने पर उनका स्पष्टीकरण तलब किया है साथ ही अतिशीघ्र भुगतान करने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही भुगतान न करने पर प्रधान प्रबंधक (वित्त) के खिलाफ विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी है। डीसीओ राजेश्वर यादव ने बताया कि भुगतान के बाबत गलत बयान देने पर स्पष्टीकरण मांगा है। भुगतान न करने पर कार्रवाई भी की जाएगी।