कलीनगर। शारदा नदी पार स्थित तीन गांवों में टाइगर रिजर्व और राजस्व विभाग की ओर से प्रस्तावित संयुक्त सीमांकन की प्रक्रिया अधर में लटकती नजर आ रही है। पट्टेदारों का आरोप है कि संयुक्त सीमांकन कराने के बजाय टाइगर रिजर्व प्रशासन एकतरफा तरीके से सीमांकन और पिलर लगाने की कार्रवाई कर रहा है, इससे वर्षों पहले भूमिहीनों को आवंटित कृषि भूमि के पट्टेदारों में चिंता बढ़ गई है। प्रभावित लोगों ने मामले में न्याय की मांग करते हुए जिलाधिकारी और सांसद एवं केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद को पत्र भेजा है।
प्रभावित लोगों का कहना है कि कई बार उन्हें बताया गया कि उनकी भूमि नेपाल क्षेत्र में आती है, जबकि राजस्व विभाग ने उन्हें उसी भूमि का पट्टा देकर कब्जा भी दिलाया था। बाद में नेपाल के अधिकारियों द्वारा भूमि पर दावा किए जाने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने सर्वे ऑफ इंडिया से सर्वे कराने और आवश्यकता पड़ने पर भारतीय सीमा के भीतर वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पट्टेदारों ने पत्र के माध्यम से संयुक्त सीमांकन की मांग की। इससे समस्या का हल निकल सके। संवाद