सामाजिक वानिकी की टीम को गांव सबलपुर के समीप मिले तेंदुआ के पंजों के निशान
संवाद न्यूज एजेंसी
पूरनपुर। गांव सबलपुर और गांव उदयपुर के समीप तेंदुआ देखकर लोगों ने शोर-शराबा किया। शोर-शराबा पर गांव सबलपुर के समीप तेंदुआ गन्ना के खेतों की ओर और गांव उदयपुर के समीप बाग की ओर चला गया। सूचना पर पहुंची सामाजिक वानिकी की टीम को गांव सबलपुर के समीप तेंदुआ के पंजों के निशान मिले।
करीब दो महीने से चीनी मिल, गांव पिपरिया दुलई सहित आसपास के गांवों में तेंदुआ की चहल कदमी पर चीनी मिल, गांव रुरिया सलेमपुर के समीप पिंजरा लगाया गया है। पिंजरा के समीप तक तेंदुआ नहीं पहुंच रहा है। पिछते पांच दिनों से गांव उदयपुर खुर्द के समीप तेंदुआ की चहल कदमी हो रही है। बुधवार को गांव उदयपुर के समीप सुशील कुमार के गन्ना के खेत से निकला तेंदुआ देखकर लोगों ने शोर-शराबा किया। इस पर तेंदुआ गांव के रामनरेश के बाग की ओर चला गया। गांव सबलपुर के दक्षिण में तेंदुआ देखकर लोगों ने शोर-शराबा किया। तब तेंदुआ खेतों की ओर चला गया। सामाजिक वानिकी के रेंजर सोबरन लाल ने बताया कि गांव सबलपुर के समीप तेंदुआ की सूचना पर टीम को भेजा गया था। टीम को तेेंदुआ के पंजों के निशान मिले है। तेंदुआ की निगरानी को टीमें लगी हुई है। उसे पकडऩे को दो स्थानों पर पिंजरें पहले से ही लगे है। तेंदुआ की चहल कदमी पर आसपास के लोगों को सतर्क किया जा रहा है।