ग्राम बहादुरपुर हुक्मी ब मचवाखेड़ा के खेतों में घूमता तेन्दुया स्रोत बन बिभाग
- फोटो : छदामीलाल जैन मंदिर में भगवान निर्भय सागर महाराज के सानिध्य में निर्वाण लाडू चढ़ाते श्रद्धालु। स्रोत: मंदिर कमेटी
बरखेड़ा। पिछले 20 दिनों से जारी तेंदुए की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। बहादुरपुर हुक्मी और मचवाखेड़ा क्षेत्र के ग्रामीण अभी पिछली घटनाओं के डर से उबरे भी नहीं थे कि एक नई घटना ने पूरे इलाके में फिर से खौफ पैदा कर दिया है।
मामला ग्राम बहादुरपुर हुक्मी के पास स्थित मचवाखेड़ा का है। बीती रात बजाज चीनी मिल के निकट स्थित गन्ने के खेत में एक सियार का आधा खाया हुआ शव मिला। ग्रामीणों के अनुसार, आज सुबह जब कुछ ग्रामीण टहलने के लिए खेत की तरफ गए, तो उन्होंने सियार का शव देखा।
घटना के बाद से किसानों ने अपनी सुरक्षा को देखते हुए खेतों की ओर जाना बंद कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह तेंदुआ अब तक कई आवारा पशुओं को अपना निवाला बना चुका है, इसके बावजूद वन विभाग लापरवाह बना हुआ है। ग्रामीणों की शिकायत है कि विभाग न तो तेंदुए को पकड़ने के लिए ठोस कदम उठा रहा है और न ही उसकी मौजूदगी के पुख्ता साक्ष्य जुटा पा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन क्षेत्राधिकारी रोहित जोशी ने बताया कि गांव के किनारे लगे कैमरों में तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगवाया जा रहा है ताकि ग्रामीणों को इस खौफ से जल्द मुक्ति दिलाई जा सके।