टाइगर रिजर्व के जंगलों में बाघ, तेंदुए एवं अन्य प्रकार के वन्यजीवों की लगातार बढ़ती संख्या का असर अब पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में भी दिखने लगा है। जिले की सीमा से सटे गांव हल्दीपुर में मेहर सिंह के खेत में तीन शावकों को मादा तेंदुआ दो दिन से गायब है। शावकों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। हालांकि वन विभाग को मादा तेंदुए की तलाश है। मादा तेंदुए के नहीं लौटने पर रविवार को चिड़ियाघर में शावकों को भेजने की वन विभाग तैयारी कर रहा है।
जिले के मझोला कस्बे के निकट उत्तराखंड की सीमा पर हल्दीपुर गांव निवासी मेहर सिंह का गन्ने का खेत है। बृहस्पतिवार को पास के खेत में गन्ना छिलने गए मजदूरों ने शावकों की आवाज सुनी। इस पर जब खेत में अंदर जाकर देखा तो तेंदुए के तीन नवजात शावक मिले जो लगभग तीन चार दिन के ही हैं। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। जानकारी मिलने पर डीएफओ सामाजिक वानिकी आदर्श कुमार ने अपनी टीम को मौके पर भेजा। मौके पर पहुंची टीम ने क्षेत्र उत्तराखंड होने पर वनविभाग ने इसकी सूचना उत्तराखंड वनप्रभाग को दी। इसके बाद पहुंची उत्तराखंड वनप्रभाग की टीम ने खेत में मौजूद लोगों को हटाया। लेकिन तेंदुए के शावक होने की सूचना पर मझोला एवं इसके आसपास क्षेत्र से सैकड़ों की संख्या में लोग उन्हें देखने पहुंच रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि दो दिन से लोग तो मौके पर पहुंच रहे हैं लेकिन इस बीच शावकों को देखने के लिए मादा तेंदुआ नहीं आई। माना जा रहा है कि भीड़ के चलते मादा तेंदुआ शावकों को छोड़कर कहीं चली गई है। उत्तराखंड वन प्रभाग शावकों की मां के आने का इंतजार कर रहा है। माना जा रहा है कि यदि रविवार तक शावकों की मां नहीं लौटी तो उन्हें किसी चिड़ियाघर भेजा जा सकता है। इस बाबत जानकारी करने पर सामाजिक वानिकी के डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि सूचना पर टीम भेजी गई थी। शावक जिले की सीमा से बाहर मिले हैं उत्तराखंड वनप्रभाग मौके पर मौजूद है।