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महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट छोड़ दूसरे पर काम शुरू कराया

Thu, 14 Jul 2016 11:17 PM IST
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो
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 सिंचाई विभाग के शारदा सागर खंड ने दो स्वीकृत प्रोजेक्ट में से एक पर तो बिना धनराशि मिले ही काम शुरू करा दिया है जबकि दूसरे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। विभाग ने गोपनीय ढंग से टेंडर की प्रक्रिया अपनाकर गोमती की खुदाई शुरू करा दी है, लेकिन शारदा डैम के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं कराया। इधर, शारदा डैम को खाली करना शुरू कर दिया है। ऐसे में यदि सूखे की स्थिति पैदा होती है, तो रायबरेली तक के किसानों को खासी परेशानी उठानी पड़ सकती है।
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शारदा डैम की लगातार जर्जर हो रही हालत को देखते हुए छह करोड़ की लागत का एक प्रोजेक्ट बनाकर दो साल पहले शासन को भेजा गया था। शासन ने पिछले दिनों प्रोजेक्ट को स्वीकृत कर धनराशि भी मंजूर कर दी लेकिन धनराशि जारी नहीं की गई।

महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर शुरू नहीं हुआ काम
सिंचाई विभाग के कुछ अधिकारियों ने नियमबद्ध तरीके से टेंडर प्रकिया न अपनाकर डैम के छह करोड़ और गोमती के सवा दो करोड़ के प्रोजेक्ट को लेकर प्रक्रिया अपनाते हुए गोमती प्रोजेक्ट का काम शुरू करा दिया, लेकिन डैम के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं कराया। जबकि दोनों के टेंडर एक साथ किए गए थे। गोमती प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण इसलिए है कि हजारों किसानों की लाखों एकड़ फसलों की सिंचाई इससे होती है। दोनों प्रोजेक्टों के लिए अभी धनराशि रिलीज नहीं हुई है तो फिर गोमती की खुदाई कैसे शुरू करा दी गई।
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डैम की दुर्दशा सुधर पाना मुश्किल
बसपा सरकार में 19 करोड़ रुपया डैम की दुर्दशा दूर करने के लिए रिलीज किया गया था। इसमें भी टेंडर प्रकिया में खेल हुआ। इसका नतीजा सामने है। अब एक बार पुन: टेंडर प्रक्रिया में खेल खेला गया। जानकार बताते हैं कि मात्र इंटरनेट पर कुछ समय को दोनों प्रोजेक्ट के टेंडर डाले गए थे लेकिन बाद में हटा दिए गए। अपने चहेते ठेकेदारों को अनुबंध कर गोमती का काम शुरू कर दिया गया। 

किसान पड़ सकते हैं संकट में
हरदोई ब्रांच नहर से उन्नाव और रायबरेली तक पानी दिया जाता है। इस समय डैम को पानी से खाली किया जा रहा है। यदि कहीं आने वाले दिनों में सूखे की स्थिति पैदा होती हैै तो हरदोई, रायबरेली और उन्नाव के किसानों को सिंचाई के लिए पानी कहां से मिलेगा। 

अफसर भी साध गए चुप्पी 
गोमती की खुदाई करा रहे अभियंता वीरेंद्र सिंह यादव और रामेश्वर दुबे ने बताया कि डैम की पिचिंग क्षतिग्रस्त हो चुकी है। प्रोजेक्ट स्वीकृत हो चुका है। अधिकारी धन रिलीज कराने के लिए प्रयासरत हैं। धन रिलीज होते ही कार्य शुरू हो जाएगा, लेकिन यह पूछे जाने पर कि जब गोमती प्रोजेक्ट की धनराशि रिलीज नहीं हुई तो काम कैसे हो रहा है, इस पर अभियंता चुप्पी साध गए। बोले यह बड़े अधिकारी ही बता पाएंगे।
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