गन्ना विकास परिषद के अध्यक्ष पद पर सपा समर्थित रामप्रकाश मिश्र निर्विरोध चुन लिए गए हैं।
गुरुवार सुबह 10 बजे से चुनावी प्रक्रिया शुरू हुई थी। सबसे पहले अनंतिम मतदाता सूची का प्रदर्शन हुआ। उस पर आपत्तियां मांगी गईं लेकिन किसी ने आपत्ति नहीं की। इसके बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रदर्शन किया गया। बाद में नामांकन की प्रक्रिया पूरी हुई। चुर्रासकतपुर क्षेत्र से डायरेक्टर रामप्रकाश मिश्र और अहिरपुरा क्षेत्र से डायरेक्टर चुने गए भानु यादव ने अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन अधिकारी राजेश्वर यादव के समक्ष नामांकन पत्र प्रस्तुत किए। जांच में दोनों के नामांकन पत्र वैध पाए गए। इसके बाद भानु यादव ने अपना नाम वापस ले लिया। इससे केवल रामप्रकाश मिश्र ही चुनाव मैदानन में रह गए। लिहाजा निर्वाचन अधिकारी ने रामप्रकाश को निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित घोषित कर दिया। समर्थकों ने बाहर निकलते ही रामप्रकाश को फूलमालाओं से लाद दिया।
रामप्रकाश राजकीय महाविद्यालय छात्रसंघ के महामंत्री और अध्यक्ष रह चुके हैं। वह अपने गांव के उपप्रधान और बीडीसी सदस्य भी रह चुके हैं। उनके पिता गंगा प्रकाश मिश्र 20 वर्ष ब्लाक प्रमुख और एक बार चीनी मिल के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनकी पत्नी शशि मिश्रा भी एक बार ब्लाक प्रमुख रह चुकी हैं।
गन्ना किसानों को न्याय दिलाने का वादा
बीसलपुर। गन्ना विकास परिषद के अध्यक्ष चुने गए रामप्रकाश मिश्र ने कहा कि वह क्षेत्र के गन्ना किसानों को न्याय दिलाएंगे।
अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि परिषद में 20 वर्षों से अध्यक्ष न होने के कारण क्षेत्र के गन्ना किसानों का काफी उत्पीड़न हो रहा था, जो अब किसी भी हालत में नहीं होने दिया जाएगा। विभागीय उच्चाधिकारियों से मिलकर परिषद के स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों की समस्याओं का भी समाधान कराया जाएगा। अध्यक्ष ने बताया कि वह क्षेत्र में आवश्यकतानुसार सड़कें और पुलिया भी बनवाएंगे। क्षेत्र के गन्ना किसानों की समस्याएं सुनकर उनका निस्तारण भी कराएंगे।
28 वर्ष बाद हुआ अध्यक्ष पद का चुनाव
बीसलपुर। गन्ना विकास परिषद में अध्यक्ष पद का चुनाव 28 वर्ष बाद हुआ है। गन्ना विकास परिषद के एससीडीआई मानवेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि इससे पहले वर्ष 1988 में अध्यक्ष पद का चुनाव हुआ था। उसके बाद शासन ने प्रबंध समिति के चुनाव पर रोक लगा दी थी। अब रोक हटी तो प्रबंध समिति का चुनाव कराया गया।