शुक्रवार शाम को आई तेज आंधी-बारिश शहरवासियों के लिए बिजली संकट का कारण बन गई। रातभर लोग बिजली के इंतजार में परेशान होते रहे। इसके बाद दूसरा दिन भी सुधार कार्य के चलते बिन बिजली ही गुजर गया। देर शाम तक सप्लाई सुचारु कराई जा सकी।
बता दें कि शुक्रवार शाम को अचानक तेज आंधी बारिश आई थी। इससे दर्जनों इलाकों में पेड़ टूटकर गिए गए थे। टनकपुर हाइवे पर निरंजनकुंज, बेनहर चौराहा, आवास विकास कालोनी, सीतापुर नेत्र चिकित्सालय, अशोक कालोनी के आसपास करीब दर्जन भर इलाकों में बिजली के तार क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिससे आधे शहर की बिजली सप्लाई पूरी तरह से बाधित हो गई। आधे शहर में रातभर बिजली के दर्शन नहीं हो सके, जिससे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ देर साथ देने के बाद इन्वर्टर भी साथ छोड़ गए। शनिवार सुबह बिजली विभाग के अफसरों ने सुध ली। टीमों को क्षतिग्रस्त तारों के सुधार के लिए मौके पर भेजा गया। सुधार कार्य के दौरान बिजली सप्लाई बंद रखी गई, जिससे अन्य इलाकों के लोगों को भी बिजली संकट से जूझना पड़ा। पूरे दिन बिजली गुल रही। विभागीय अफसर सुधार होने की बात कहकर पल्ला झाड़ गए। जनता के लिए आंधी मुसीबत बन गई। घरेलू व व्यावसायिक जीवन पर बिजली कटौती का असर पड़ा। बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। विद्युत उपकरणों की दुकानों पर इक्का-दुक्का काम ही हो सके। घरों में लोग बिजली के इंतजार में उपकरणों को निहारते दिखाई दिए। विभाग की ओर से कराए जा रहे सुधार कार्य में ढील बरतने का आरोप भी लगा। एसडीओ टाउन दीपक नेगी ने बताया कि शुक्रवार शाम को आंधी से कई जगहों पर विद्युत तार क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिससे सप्लाई बाधित रही है। सुधार कार्य कराया जा रहा है। देर शाम तक सभी इलाकों की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। कार्य में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई है।