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Pilibhit News: टपकती छतें, फिसलती दीवारें... बरसात में जर्जर सरकारी भवनों से हादसों का खतरा

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एआरटीओ कार्यालय में फिसलती दीवार। संवाद
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पीलीभीत। शहर के कई सरकारी भवनों की हालत जर्जर है। बारिश के दौरान कहीं छतों व दीवारों पर दरारे हैं, तो कहीं छतों से पानी टपक रहा है। इस तरह किसी कार्यालय की दीवार पुरानी होने के चलते अपनी नींव से ही फिसल रही है। कुछ सरकारी आवासों में सरकारी कर्मचारी खतरे व डर के साए में जीवनयापन कर रहे हैं, लेकिन सब कुछ देखने के बाद भी नगर पालिका जर्जर भवन व इमारतों की कार्रवाई लंबे समय से ठंडे बस्ते में डाली हुई है। पिछले वर्ष सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से सर्वे के आदेश को भी नगर पालिका नजरअंदाज कर गई। संवाद न्यूज एजेंसी टीम ने जब बुधवार को इसको लेकर पड़ताल की तो यह दृश्य सामने आए। संवाद
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बंदोबस्त चकबंदी कार्यालय की छत कभी भी ढह सकती है

शहर की पुरानी तहसील, जिसका लगभग 50 वर्ष से भी पुराना भवन है, वह पूरी तरह से जर्जर अवस्था में है। बरसात में तहसील आने-जाने वालों के लिए हमेशा इसके परिसर में बने कार्यालय जर्जर पुराने होने के चलते खतरे के प्रतीक बने रहते हैं। वर्तमान स्थिति में परिसर का एक लिंटर पूरी तरह से लीकेज हो रहा है व कभी भी गिर सकता है।

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डीआईओएस कार्यालय का जर्जर भवन, डर में कर्मी

शहर के केंद्रीय विद्यालय के करीब में बना जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की स्थिति इन दिनों काफी नाजुक है। कार्यालय का एक मंजिला भवन जगह-जगह से बाहरी दीवारों से बुरी तरह जर्जर हो चुका है, जबकि कार्यालय के अंदर दीवारों से पानी लीकेज लगातार हो रहा है व दीवारों की सरिया तक चमक रही है। ऐसे में कार्यालय का जर्जर भवन कभी भी आफत बन सकता है।
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नींव से फिसल रही एआरटीओ कार्यालय की दीवार

शहर के वल्लभ नगर कॉलोनी में अस्थाई संचालित एआरटीओ कार्यालय में नियमित काफी लोग अपने परिवहन के काम के संबंध में आते हैं, लेकिन बरसात के दिनों यहां कामकाज के आना लोगों के लिए खतरा बन सकता है व कार्यालय के अंदर की दीवार नींव से फिसल कर टेढ़ी पड़ चुकी है व रोजाना आने वालों के लिए खतरा बरकरार है।



जिला अस्पताल की सरकारी आवास जर्जर

जिला अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ के लिए वर्षों पहले बने आवास के रूप में बनी इमारतों की समय-समय मरम्मत नहीं की जा रही है। इसके चलते अब यह इमारतें बरसात में और खस्ताहाल हो गई हैं। यहां रहने वाले लोग डर के साए में रहते हैं।

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कार्रवाई केवल नोटिस भेजने तक ही सीमित

नगर पालिका शहरी क्षेत्र में पुराने जर्जर हो चुके निजी व सरकारी भवनों को मरम्मत कराने व अधिक जर्जर स्थिति के भवनों को ध्वस्तीकरण का नोटिस भेजती है, लेकिन नगर पालिका ने पिछले 2-3 सालों में किसी भवन पर कार्रवाई के लिए नोटिस भेजने तक की कार्रवाई नहीं की, जबकि शहर में होने के बावजूद नगर पालिका सरकारी जर्जर भवनों से अनजान बनी हुई है।


पत्र के माध्यम से नगर पालिका को शहर के जर्जर सरकारी व प्राइवेट इमारतों का सर्वे कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएंगे। जल्द ही इसके लिए फिर से अभियान चलाकर जर्जर इमारतें चिह्नित कराई जाएगी। इसको लेकर निश्चित तौर पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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- विजय वर्धन तोमर, सिटी मजिस्ट्रेट

एआरटीओ कार्यालय में फिसलती दीवार। संवाद

एआरटीओ कार्यालय में फिसलती दीवार। संवाद

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