पूरनपुर में एसडीएम के खिलाफ प्रदर्शन करते वकील-संवाद
पूरनपुर। वकीलों ने खंडहर तहसील भवन की नीलामी स्वीकृत होने के छह महीने बाद भी ध्वस्तीकरण न होने, ठेकेदार की जमानत जब्त कर ठेका निरस्त न करने के विरोध में एसडीएम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को वकीलों ने गंभीर आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया और संपूर्ण समाधान दिवस पहुंचकर डीएम को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में एसडीएम पर तमाम आरोप लगाते हुए उनका स्थानांतरण, आरोपों की जांच कराने की मांग की। संपूर्ण समाधान दिवस के बाद डीएम ने वकीलों से एसडीएम कार्यालय में वार्ता की।
प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सक्सेना के नेतृत्व में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे वकीलों ने एसडीएम पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। डीएम से मिलकर सात सूत्री ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कहा गया कि पुरानी तहसील के खंडहर भवन की नीलामी छह महीने पहले की गई थी। अब तक न तो ठेकेदार की जमानत जब्त की गई और न ही ठेका निरस्त किया गया।
इसकी जानकारी कई बार एसडीएम को दी गई, लेकिन सिर्फ आश्वासन दिए गए। एसडीएम कोर्ट में धारा 80 की पत्रावलियां नियम को दरकिनार कर रकम लेकर अवैध ढंग से निस्तारित की जा रही है। बगैर अनुमति खनन किया जा रहा है।
ज्ञापन देने वालों में महामंत्री सुशील सक्सेना, संजय पांडेय, नईम खां आदि भी शामिल रहे। उधर, एसडीएम अजीत प्रताप सिंह ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने बताया कि एक अधिवक्ता को चैंबर में पान मसाला खाने से टोक दिया था। इसको लेकर बेवजह आरोप लगाए जा रहे हैं।