घुंघचाई साधन सहकारी समिति पर खाद के लिए लाइन मे लगे किसान। फाइल फोटो
पीलीभीत। भूमिहीन ग्रामीणों ने मई से जुलाई के बीच 162 बैग यूरिया खाद खरीद ली। कृषि अधिकारी ने आईएफएमएस पोर्टल पर जांच की तो मामले का खुलासा हुआ है। मामले में एफआईआर कराने के लिए उन्होंने रिपोर्ट बनाकर डीएम से अनुमति मांगी है। अनुमति मिलने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
जिले में खाद की कालाबाजारी जारी है। कई मामले भी सामने आ चुके हैं। इसी वजह से जिले में यूरिया की किल्लत बनी हुई है। हाल में कृषि अधिकारी नरेंद्र पाल सिंह ने विभागीय पोर्टल इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर्स मॉनरटिंग सिस्टम (आईएफएमएस) पर अपलोड किए गए दस्तावेजों का अवलोकन किया तो कालाबाजारी के मामले का खुलासा हुआ है।
जानकारी में आया कि ललौरीखेड़ा ब्लॉक के गांव लालपुर निवासी नितिन कुमार पुत्र रूपराम ने जून में आठ बार, जुलाई में 14 बार में कुल 91 बैग यूरिया खरीदी है, जबकि युवक भूमिहीन है। इसके बाद भी उसने खाद कैसे निकाल ली, इसकी जांच की जा रही है।
वहींं इसी ब्लॉक व गांव निवासी मोहित सिंह पुत्र कृष्ण कुमार ने मई में नौ बार में 20 बोरी यूरिया निकाली है, जबकि वह भी भूमिहीन है। वहीं इसी ब्लॉक के गांव गौरेरा निवासी सोमपाल पुत्र भगवानदास पर दो बीघा जमीन है। इसके बाद भी युवक ने जुलाई में 17 बार में 51 बैग यूरिया निकाली है।
मामले का खुलासा होने पर कृषि अधिकारी ने रिपोर्ट तैयार कर डीएम ज्ञानेंद्र सिंह को भेजी है। ताकि संबंधित के खिलाफ एफआईआर कराई जा सके। कृषि अधिकारी नरेंद्र पाल ने बताया कि जांच में मामले का खुलासा हुआ है। संबंधित लोगों पर एफआईआर कराने के लिए डीएम से अनुमति मांगी गई है।