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भूमिहीन कृषकों को मिलेगा बैंक से ऋण

Sun, 13 Aug 2017 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  पीलीभीत।
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फसल - फोटो : अमर उजाला
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नाबार्ड की पहल पर पीलीभीत में शुरू हुई योजना       
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भूमिहीन किसानों को खेती के लिए अब सूदखोरों के चुंगल से छुटकारा मिल सकेगा। नाबार्ड की पहल पर प्रदेश में सिर्फ पीलीभीत जनपद में भूमिहीन किसानों को कृषि संबंधी कार्यों के लिए ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए किसानों का चयन कर नाबार्ड मुख्यालय से धनराशि मांगी गई है। 
जिले में कई ऐसे किसान हैं जो अपनी भूमि न होने के कारण बटाई या ठेके पर जमीन लेकर खेती करते हैं अथवा कृषि से जुड़े कार्य करते है। ऐसे किसानों की सहायता के लिए नाबार्ड की ओर से पहल ग्रामीण सेवा समिति की ओर से करीब तीन साल पहले किसान क्लबों का गठन किया गया था। क्लब के सदस्य किसानों को भी धन की कमी आड़े आ रही थी। इसको देखते हुए नाबार्ड के तत्कालीन डीडीएम एके रावत ने उपनिदेशक कृषि एके सिंह व कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका के सहयोग से तत्कालीन डीएम ओएन सिंह के निर्देश पर क्षेत्र में अध्ययन कर एक योजना तैयार की जिसमें भूमिहीन किसानों को धन उपलब्ध कराने का प्राविधान किया गया था। नाबार्ड ने इस योजना को मुख्यालय भेजा जहां से स्वीकृति मिलने के बाद इसे जिला सहकारी बैंक के माध्यम से संचालित करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए नाबार्ड ने जिला सहकारी बैंक के  तत्कालीन जीएम अनुराग अवस्थी विस्तृत अध्ययन और प्रशिक्षण के लिए बंगलौर भी भेजा था। लगभग ढाई साल से चल रही यह प्रक्रिया अब लगभग अंतिम पड़ाव पर पहुंचने वाली है। नाबार्ड के मुख्यालय से स्वीकृति मिलने के बाद प्रदेश में पहली बार इसे जिले में लागू किया जा रहा है। इसके लिए प्रथम चरण में पहल ग्रामीण सेवा समिति के माध्यम से रमनगरा क्षेत्र के 25 किसानों का चयन किया गया है। 
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एक किसान को मिलेगा 50 हजार 
नाबार्ड की योजना में जिला सहकारी बैंक के माध्यम से चिह्नित भूमिहीन किसानों को 50-50 हजार रुपये ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। चिह्नित 25 किसानों में सात मधुमक्खी पालन, तीन मछली और 15 सब्जी उत्पादन कर रहे हैं। 

प्रशिक्षण एवं अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी 
नाबार्ड की इस योजना में किसानों को ऋण उपलब्ध कराकर आर्थिक रूप से मजबूत करने के साथ ही प्रशिक्षण देकर तकनीकि रूप से भी परिपक्व किया जाएगा। साथ ही कुछ समय बाद अपने उत्पादन को बाहर की मंडियों में ले जाकर बेचने के लिए रेफ्रीरेटिट वैन भी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। 

नाबार्ड मुख्यालय की धनराशि की डिमांड 
भूमिहीन किसानों का चयन करने के बाद माधोटांडा स्थित जिला सहकारी बैंक प्रबंधक राकेश गुप्ता ने प्रोजेक्ट बनाकर पीलीभीत मुख्यालय भेजा था। यहां इसकी जांच के बाद जिला सहकारी बैक के जीएम आलोक गुप्ता ने नाबार्ड मुख्यालय से धनराशि उपलब्ध कराने को डिमांड भेजी है। संभवत: अगस्त माह में ही किसानों को ऋण उपलब्ध करा दिया जाएगा। 
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भूमिहीन किसानों को ऋण उपलब्ध कराने के लिए काफी समय से प्रयास चल रहे हैं। नाबार्ड मुख्यालय से डिमांड भेजी गई है। धनराशि प्राप्त होते ही किसानो को समारोह पूर्वक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। 
- एसके दत्ता, डीडीएम नाबार्ड 
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