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Pilibhit News: देश के पहले जैविक और दूसरे बासमती निर्यात केंद्र को जमीन हस्तांतरित

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केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद की मौजूदगी में जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करते जिले व ए - फोटो : मोतीपुर थाने के बाहर से रिश्वत लेते गिरफ्तार चौकी इंचार्ज।
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पीलीभीत। शहर के एक होटल में हुए लीज डीड हस्तांतरण कार्यक्रम में टांडा बिजैसी में बनने वाले बासमती एवं जैविक प्रशिक्षण/ निर्यात केंद्र सह प्रदर्शन फाॅर्म के लिए जमीन का औपचारिक हस्तांतरण किया गया। सात एकड़ जमीन पर बन रहा यह बासमती निर्यात केंद्र देश का दूसरा केंद्र है। वहीं, जैविक प्रशिक्षण देश का पहला केंद्र होगा। यहां पर बासमती के बीज, पैदावार का शोध कर निर्यात किया जाएगा। पीलीभीत से करीब कई देशों में बासमती का निर्यात होगा।
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कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) की ओर से मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने प्रतिभाग किया। बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद, बीसलपुर विधायक विवेक वर्मा, पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान, जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र की मौजूदगी में कृषि अधिकारी ने एपीडा को जमीन हस्तांतरित की। यह सात एकड़ जमीन 70 साल के लिए एपीडा को दी गई है।
कार्यक्रम में बासमती एवं जैविक प्रशिक्षण केंद्र के बारे में बताया गया। यहां होने वाले कार्य, किसानों को लाभ, राइस मिलों और निर्यातकों को मिलने वाले लाभ की जानकारी दी गई। साथ ही प्रशिक्षण केंद्र के भवन, ऑडिटोरियम आदि के निर्माण के बारे में भी बताया गया।
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रानी अवंतीबाई लोधी के नाम से होगा बासमती केंद्र
केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने बासमती केंद्र की स्थापना की घोषणा के साथ ही इसके नाम के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि जिले में बन रहे बासमती प्रशिक्षण केंद्र का नाम रानी अवंतीबाई लोधी के नाम पर होगा। बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र में बन रहा यह केंद्र देश का दूसरा बासमती केंद्र है। पहला बासमती केंद्र मोदीनगर में है।
बांसुरी, बाघ और अब बासमती से जिले की पहचान
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि पीलीभीत की पहचान बांसुरी और बाघ है। अब जिले की पहचान बासमती से भी होगी। बासमती प्रशिक्षण व निर्यात केंद्र से गुणवत्तापरक बीज, प्रशिक्षण, शोध आदि की व्यवस्था होगी। राइस मिलों और निर्यातकों को भी इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस केंद्र से किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। एपीडा की ओर से एआई क्रॉप सर्वे भी कराया जाएगा। संवाद

बासमती केंद्र से मिलेगा यह लाभ

किसानों को उच्च गुणवत्ता के बासमती उत्पादन का प्रशिक्षण मिलेगा।
बीज गुणन केंद्र से किसानों को प्रमाणित और स्वस्थ बीज मिलेगा।
बासमती केंद्र स्थापना से युवाओं को बीज उत्पादन, जैविक, कृषि आदि सेक्टर में रोजगार का मौका मिलेगा।
ऑडिटोरियम, प्रयोगशाला, संग्रहालय आदि की स्थापना का लाभ भी जिले के लोगों को मिलेगा।
जिले में जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। किसान रासायनिक खाद के बजाय प्राकृतिक तरीके से खेती करेंगे।
एफपीओ व कृषि उद्यमियों को निर्यात प्रक्रिया का प्रशिक्षण मिलेगा।

केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद की मौजूदगी में जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करते जिले व ए- फोटो : मोतीपुर थाने के बाहर से रिश्वत लेते गिरफ्तार चौकी इंचार्ज।

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